PM Modi Independence Day Speech: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत के भविष्य, आत्मनिर्भरता, किसानों और खेती की लागत से लेकर दुनिया में बदलते हालात तक कई अहम मुद्दों पर बात की. उन्होंने देशवासियों से छोटे लक्ष्य छोड़कर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मिलकर मेहनत करने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती ताकत और युवाओं की ऊर्जा को देखते हुए अब देश को छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए. भारत को बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल करने की दिशा में तेजी से काम करना होगा.
किसानों के लिए सस्ती यूरिया का जिक्र
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने किसानों की खेती की लागत का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने यूरिया की कीमत का उदाहरण देते हुए कहा कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया का एक बोरा करीब 3000 रुपये में मिलता है, जबकि भारत में किसानों को यह करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ज्यादा होने के बावजूद सरकार उसका पूरा बोझ किसानों पर नहीं डाल रही है. सरकार इस अंतर को अपने स्तर पर संभाल रही है, ताकि किसानों को खेती के लिए जरूरी खाद कम कीमत पर मिल सके.
DAP पर भी किसानों को राहत
प्रधानमंत्री ने DAP खाद की कीमत का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में DAP की कीमत करीब 5000 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि भारत में किसानों को यह लगभग 1350 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. सरकार का मकसद यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों की जेब पर न पड़े. इससे खेती की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है.
बड़े सपने देखेगा भारत, तभी आगे बढ़ेगा
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी महान देश की पहचान उसके सपनों और संकल्पों से होती है. बड़े सपने सिर्फ भविष्य की योजना नहीं बनाते, बल्कि लोगों की सोच को भी बड़ा करते हैं. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि, भारत को अपनी क्षमता पर भरोसा करते हुए ऊंचे लक्ष्य तय करने चाहिए. इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है. प्रधानमंत्री के मुताबिक, जब देश के करोड़ों लोग एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
आत्मनिर्भर भारत पर फिर जोर
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब आत्मनिर्भर भारत की बात शुरू की गई थी, तब कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए थे और ग्लोबलाइजेशन का हवाला दिया था. लेकिन प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की परिस्थितियां तेजी से बदली हैं. अब कई देश अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने और अपनी घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. ऐसे में भारत के लिए भी अपने संसाधनों, उत्पादन और तकनीक को मजबूत करना जरूरी है.
संसाधनों को हथियार बनाने पर चिंता
प्रधानमंत्री ने दुनिया में बदलते आर्थिक और रणनीतिक हालात को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कुछ देश अपने प्रभाव और ताकत का इस्तेमाल जरूरी संसाधनों को हथियार की तरह करने के लिए कर रहे हैं. ऐसे माहौल में खाद, ऊर्जा, तकनीक और दूसरी जरूरी चीजों के लिए भारत का मजबूत होना जरूरी है. प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को इसी बदलती वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए देश की अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया.
किसानों और देश की अर्थव्यवस्था पर फोकस
पीएम मोदी के भाषण में एक तरफ किसानों की खेती की लागत कम करने की कोशिशों का जिक्र रहा, तो दूसरी तरफ भारत को आर्थिक और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने की बात भी सामने आई. उनका संदेश साफ रहा कि आने वाले समय में भारत को बड़े सपने, मजबूत आत्मनिर्भरता और अपनी क्षमताओं पर भरोसे के साथ आगे बढ़ना होगा.