त्रिपुरा के सरसों शहद की दुबई में एंट्री, पहली बार भेजी गई 1 मीट्रिक टन की खेप, किसानों को मिला नया बाजार

Honey Export: त्रिपुरा से पहली बार 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद की खेप दुबई निर्यात की गई है. देरगांग FPO के किसानों और मधुमक्खी पालकों को इस पहल से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है. APEDA और निजी कंपनी के सहयोग से हुए इस निर्यात से त्रिपुरा में मधुमक्खी पालन और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है.

नोएडा | Updated On: 12 Aug, 2026 | 08:19 PM

Tripura Mustard Honey Export: त्रिपुरा के किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. राज्य से पहली बार सरसों के शहद की खेप दुबई भेजी गई है. करीब 1 मीट्रिक टन शहद का यह निर्यात त्रिपुरा के कृषि उत्पादों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे स्थानीय किसानों और किसान उत्पादक संगठन यानी FPO से जुड़े सदस्यों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद बढ़ी है. इस पहल से त्रिपुरा के शहद को देश के बाहर नया बाजार मिलने का रास्ता खुला है. साथ ही, राज्य में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.

पहली बार दुबई पहुंचा त्रिपुरा का सरसों शहद

देरगांग फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े किसानों द्वारा तैयार किए गए सरसों के शहद की 1 मीट्रिक टन की पहली खेप दुबई के लिए रवाना की गई है. यह सिर्फ शहद का निर्यात नहीं है, बल्कि त्रिपुरा के छोटे किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. अगर आगे भी इस तरह के निर्यात के रास्ते खुलते हैं, तो किसानों को स्थानीय बाजार के मुकाबले बड़े बाजार में अपनी उपज बेचने के ज्यादा अवसर मिल सकते हैं.

APEDA और प्राइवेट कंपनी ने दिया सहयोग

इस निर्यात को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) का समर्थन मिला है. इसका उद्देश्य राज्य के स्थानीय किसानों और FPO को विदेशों में कृषि उत्पाद बेचने के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करना है. इस पूरी पहल में साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (Salt Range Foods Private Limited) की भी अहम भूमिका रही. कंपनी देरगांग FPO के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन को मजबूत करने और शहद के लिए निर्यात योग्य सप्लाई चेन तैयार करने पर काम कर रही है. इस साझेदारी से किसानों के लिए शहद तैयार करने से लेकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का एक व्यवस्थित रास्ता तैयार करने में मदद मिली है.

कृषि मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

सरसों के शहद की इस पहली खेप को त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर उन्होंने इसे राज्य के किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उनका कहना है कि त्रिपुरा में पैदा होने वाले कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की क्षमता है. ऐसे निर्यात से किसानों को अपनी उपज की बेहतर कीमत मिलने और उनकी आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं.

मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा

त्रिपुरा सरकार का फोकस मधुमक्खी पालन और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने पर है. शहद का निर्यात बढ़ने से राज्य में मधुमक्खी पालन को एक बेहतर कारोबार के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा FPO के जरिए छोटे किसानों को एक साथ जोड़कर उनकी उपज को बड़े खरीदारों तक पहुंचाना भी आसान हो सकता है.

वैश्विक बाजार में बनेगी त्रिपुरा की पहचान

सरकार का मानना है कि त्रिपुरा में शहद और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात की काफी संभावनाएं हैं. राज्य में मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है. दुबई को सरसों के शहद का यह पहला निर्यात आगे के लिए नए अवसर खोल सकता है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में त्रिपुरा के शहद को अच्छी मांग मिलती है, तो आने वाले समय में निर्यात की मात्रा बढ़ सकती है. इससे किसानों, मधुमक्खी पालकों और स्थानीय FPO को फायदा मिलने के साथ त्रिपुरा की कृषि उपज को वैश्विक पहचान मिल सकती है.

Published: 12 Aug, 2026 | 10:22 PM

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