महंगी चीनी से राहत की तैयारी, आयात कोटे का नियम बदला.. क्या अब सस्ता होगा रेट?

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार ने कई कदम उठाए हैं. TRQ के तहत बचे 2,02,550 टन कच्ची चीनी के आयात का रोजाना आवंटन होगा. चीनी डीलरों की स्टॉक सीमा भी घटाई गई है. बड़े खरीदार 15 दिन की खपत से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे. सरकार ने 15 अक्टूबर से चीनी मिलों में पेराई शुरू करने की सलाह दी है.

नोएडा | Updated On: 2 Sep, 2026 | 09:08 AM

त्योहारी सीजन से पहले बढ़ती चीनी की कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने टैरिफ रेट कोटा  (TRQ) के तहत बचे 2,02,550 टन कच्ची चीनी के आयात का आवंटन रोजाना करने का फैसला किया है. पहले शुरुआती कोटे की तरह इसका आवंटन एक बार में किया जा रहा था. सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त तक चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.28 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. एक साल पहले इसी समय यह 46.02 रुपये प्रति किलो थी. यानी एक साल में चीनी के दाम करीब 37.5 फीसदी बढ़ चुके हैं. त्योहारी सीजन में चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है.

अंग्रेजी वेबसाइट मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने 1 सितंबर को जारी अधिसूचना में 10 लाख टन के टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत बची 2,02,550 टन कच्ची चीनी के आयात का आवंटन रोजाना करने का फैसला किया है. पात्र चीनी मिलें और रिफाइनरी  इस कोटे के लिए आवेदन कर सकती हैं. पहले कोटे के तहत 7,97,450 टन के आवेदन मिल चुके हैं. नए कोटे के लिए आवेदन की प्रक्रिया 7 दिनों तक यानी 7 सितंबर तक जारी रहेगी. पात्र चीनी मिलें और रिफाइनरी DGFT की वेबसाइट के Import Management System में TRQ सेक्शन के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं.

मांग के आधार पर रोजाना मिलेगा चीनी आयात कोटा

सरकार के मुताबिक, किसी दिन शाम 5:30 बजे तक मिले सभी आवेदन एक बैच में शामिल किए जाएंगे और अगले कार्यदिवस पर उनकी जांच के बाद आवंटन किया जाएगा. शाम 5:30 बजे के बाद मिले आवेदन अगले दिन के बैच में शामिल होंगे. हर दिन उपलब्ध कोटे के आधार पर उस दिन मिली कुल मांग के क्रम में चीनी का आवंटन किया जाएगा. इसके लिए आवेदकों को अपनी मांग की जानकारी खुद घोषित करनी होगी और आवंटन पात्रता व उपलब्ध कोटे के अधीन रहेगा.

15 अक्टूबर से चीनी मिलों में पेराई शुरू करने की तैयारी

सरकार ने राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर 2026 से गन्ने की पेराई शुरू करने की सलाह दी है. सरकार को उम्मीद है कि इससे अक्टूबर में चीनी उत्पादन सामान्य 3-4 लाख टन से बढ़कर 10 लाख टन से ज्यादा हो सकता है. इससे त्योहारी सीजन  में बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी.  सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा सीजन में देश का चीनी उत्पादन करीब 3.06 करोड़ टन रहने का अनुमान है. पहले उत्पादन का अनुमान करीब 3.43 करोड़ टन लगाया गया था. सरकार के मुताबिक, रेड रॉट, टॉप बोरर बीमारी और ज्यादा बारिश से जलभराव जैसी वजहों से उत्पादन अनुमान से कम रहने की संभावना है.

चीनी व्यापारियों के स्टॉक की सीमा भी घटाई

साथ ही सरकार ने चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए कारोबारियों की स्टॉक सीमा भी घटा दी है. 15 सितंबर से 30 नवंबर तक चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई है. इससे पहले एक अगस्त से 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा लागू की गई थी. एक सितंबर से बड़े चीनी खरीदारों को 15 दिन की खपत से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं है. सरकार ने यह कदम जमाखोरी और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने पर रोक लगाने के लिए उठाया है. चीनी मिलों में स्टॉक की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार की टीमें भौतिक सत्यापन भी कर रही हैं.

 

Published: 2 Sep, 2026 | 08:58 AM

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