Sugar Price: चीनी सस्ती करने के दावों की हवा निकली! अधिकतम खुदरा मूल्य 74 रुपये किलो पहुंचा
Sugar Prices Surge Continues : चीनी के दामों में गिरावट को लेकर किए जा रहे लगातार दावों की ताजा आंकड़ों ने हवा निकाल दी है. चीनी का खुदरा मूल्य घटने की बजाय पिछले सप्ताह से बढ़ गया है. वहीं, मासिक आधार पर मूल्य में 30 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई है.
सरकार के तमाम प्रयासों और चीनी संघों के दावों के बावजूद चीनी की खुदरा कीमतों में गिरावट नहीं दर्ज की जा रही है. रविवार 30 अगस्त की शाम को जारी मूल्य सूची के अनुसार चीनी की खुदरा कीमतें पिछले सप्ताह की तुलना में 1.12 रुपये प्रति किलो ऊपर चढ़ गईं. यानी चीनी का भाव सस्ता होने की बजाय महंगा हो गया है. केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार रविवार को देश के अधिकांश खुदरा बाजारों में चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर बनी रही.
बीते महीने से 30 फीसदी ऊपर चल रहा भाव
सरकार की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी रोकने के लिए उठाए गए कई कदमों के बावजूद चीनी के दाम में गिरावट नहीं आ रही है, जिससे महंगाई दर ऊपर जाने की चिंता बढ़ गई है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार रविवार को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 64.24 रुपये प्रति किलोग्राम रही. यह एक सप्ताह पहले के 63.12 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1.77 फीसदी अधिक है. मौजूदा कीमत एक महीने पहले की तुलना में 30 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38.63 फीसदी अधिक है.
चीनी की अधिकतम खुदरा कीमत 74 रुपये प्रति किलो
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार चीनी की 30 अगस्त को अधिकतम खुदरा कीमत 74 रुपये और न्यूनतम 40 रुपये प्रति किलोग्राम रही. शहरों के स्तर पर दिल्ली में चीनी 62 रुपये, मुंबई में 66 रुपये, चेन्नई में 63 रुपये और रांची में 68 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी. जबकि, उपभोक्ताओं और निजी दुकानदारों का कहना है कि चीनी का भाव खुले बाजार में 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है.
चीनी का थोक भाव घटने की बजाय बढ़ा
थोक बाजार में भी चीनी की कीमत मजबूत बनी रही है और यह 59.73 रुपये प्रति किलोग्राम रही. एक सप्ताह पहले यह कीमत 58.66 रुपये प्रति किलोग्राम थी. थोक कीमत एक महीने पहले की तुलना में 31 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38.63 फीसदी अधिक है.
एक्स मिल कीमतों में गिरावट का बाजार पर असर नहीं
खुदरा और थोक कीमतों में तेजी ऐसे समय में बनी हुई है, जब सरकार के 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने के फैसले के बाद मिल स्तर की कीमतों में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. उद्योग सूत्रों के अनुसार, मिल स्तर और थोक कीमतों के बीच 2 से 3 रुपये प्रति किलोग्राम तथा मिल स्तर और खुदरा कीमतों के बीच 7 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम का अंतर सामान्य माना जाता है.
चीनी की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महंगाई दर ऊपर जाने की चिंता
खुदरा और थोक भाव में गिरावट की बजाय उछाल आने से महंगाई दर ऊपर जाने की चिंता बढ़ गई है. सरकार ने आयात की अनुमति देने के अलावा थोक उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए चीनी के भंडार की सीमा से जुड़े नियम भी कड़े किए हैं. सरकार ने मासिक चीनी बिक्री कोटा को भी पखवाड़ा स्तर पर कर दिया है. जबकि, इससे पहले सरकार ने चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा दी थी.