चुनाव से पहले असम पहुंचे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, चाय किसानों से मिलकर सुनाया विकास का संदेश!
Assam Election 2026: असम में चुनावी माहौल गर्म है और इसी बीच कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान असम की पवित्र धरती पर पहुंचे. उन्होंने कुन्नथुनाड और बोकाखाट क्षेत्रों में चाय बागानों के मजदूरों और किसानों से सीधे मिलकर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को जाना. चौहान ने यह भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग से चाय बागान श्रमिकों और किसानों को उनके हक मिले और असम की प्रगति की लहर तेज हो.
शिवराज सिंह चौहान ने असम की पवित्र भूमि से मां आदिशक्ति कामाख्या को प्रणाम किया. उन्होंने असम की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को सम्मानित किया और इसे देश की ऐतिहासिक गौरवशाली भूमि बताया.
चौहान ने बताया कि असम वही भूमि है जहां श्रीमंत शंकरदेव ने भक्ति का दीप जलाया और लचित बरफुकन ने शौर्य और वीरता की नई परिभाषा लिखी. यह असम के इतिहास और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है.
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि असम के चाय बागानों के श्रमिकों को उनका हक कभी नहीं मिला. असम की चाय से दुनिया का सवेरा हुआ, लेकिन स्थानीय मजदूर अपने अधिकारों के लिए तरसते रहे.
चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने चाय बागानों के मजदूरों को पट्टा देकर उन्हें मालिक बनाया और उनके जीवन में बदलाव लाया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति सत्ता पाने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण, जनता के कल्याण, बहनों के सशक्तिकरण और गरीबों की सेवा के लिए है. यह संदेश उनके कार्यों और योजनाओं की प्राथमिकता दर्शाता है.
चौहान ने बोकाखाट के लोगों और असम की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ विकास की नई गाथा लिखी जा रही है और यह प्रगति की लहर अब रुकने वाली नहीं है. उन्होंने जनता के अटूट विश्वास को सलाम किया और भविष्य में और अधिक विकास का भरोसा जताया.