यह बाजरा है एनर्जी का पावर हाउस, चमकदार बाल के साथ त्‍वचा भी रहती है जवां

फॉक्सटेल मिलेट यानी फॉक्‍सटेल बाजरा पोषण से भरपूर होता है और इसे एनर्जी का पावर हाउस तक कहा जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज और हेल्‍दी फैट भरपूर मात्रा में होते हैं. इसे कंगनी बाजरा के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खेती या उत्‍पादन सबसे ज्‍यादा उत्‍तराखंड में होता है.

Noida | Updated On: 2 Mar, 2025 | 10:24 AM
1 / 6 इसकी खेती या उत्‍पादन सबसे ज्‍यादा उत्‍तराखंड में होता है और इसे वहां पर काऊणी के नाम से जाना जाता है और वहां पर इससे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. चीन में इसका उत्पादन ईसापूर्व 600 वर्ष से हो रहा है.

इसकी खेती या उत्‍पादन सबसे ज्‍यादा उत्‍तराखंड में होता है और इसे वहां पर काऊणी के नाम से जाना जाता है और वहां पर इससे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. चीन में इसका उत्पादन ईसापूर्व 600 वर्ष से हो रहा है.

2 / 6बाजरा की यह किस्‍म दुनिया में सबसे पुरानी है और एशिया में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. इस बाजरा को इटैलियन मिलेट के तौर पर भी जानते हैं. इस बाजरा का रंग पीला और स्‍वाद हल्‍का मीठा-कड़वा होता है. स्‍वाद की वजह से कई लोग इसे गेहूं और चावल में मिलाकर भी खाते हैं.

बाजरा की यह किस्‍म दुनिया में सबसे पुरानी है और एशिया में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. इस बाजरा को इटैलियन मिलेट के तौर पर भी जानते हैं. इस बाजरा का रंग पीला और स्‍वाद हल्‍का मीठा-कड़वा होता है. स्‍वाद की वजह से कई लोग इसे गेहूं और चावल में मिलाकर भी खाते हैं.

3 / 6यह बाजरा देखने में बिल्‍कुल लोमड़ी की पूंछ सा लगता है और इसलिए इसे फॉक्‍सटेल के तौर पर भी जाना जाता है. किसान इसकी फसल को मक्‍की और कोदरे की सहफसल के तौर पर लगाते हैं. इस वजह से इसकी फसल चिड़‍िया का भोजन नहीं बन पाती है.

यह बाजरा देखने में बिल्‍कुल लोमड़ी की पूंछ सा लगता है और इसलिए इसे फॉक्‍सटेल के तौर पर भी जाना जाता है. किसान इसकी फसल को मक्‍की और कोदरे की सहफसल के तौर पर लगाते हैं. इस वजह से इसकी फसल चिड़‍िया का भोजन नहीं बन पाती है.

4 / 6किसान इस फसल को साल में दो बार लगा सकते हैं. मई के अंत में अगर इस फसल को लगाया जाए तो अगस्‍त के अंत में इसकी कटाई की जा सकती है. इसकी फसल 80 दिनों में तैयार हो जाती है. इस वजह से एक साल में इसकी दो फसलें भी पूरी की जा सकती हैं.

किसान इस फसल को साल में दो बार लगा सकते हैं. मई के अंत में अगर इस फसल को लगाया जाए तो अगस्‍त के अंत में इसकी कटाई की जा सकती है. इसकी फसल 80 दिनों में तैयार हो जाती है. इस वजह से एक साल में इसकी दो फसलें भी पूरी की जा सकती हैं.

5 / 6फॉक्‍सटेल मिलेट में कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं और इसमें विटामिन बी वन भरपूर मात्रा में होता है. इस वजह से यह हार्ट हेल्‍थ के साथ-साथ याददाश्‍त मजबूत करने में भी कारगर होता है. इसमें कई ऐसे तत्‍व होते हैं जो एंटी-एजिंग का काम करते हैं. इन तत्‍वों की वजह से ही शरीर पर उम्र का असर भी कम नजर आता है.

फॉक्‍सटेल मिलेट में कई तरह के पोषक तत्‍व होते हैं और इसमें विटामिन बी वन भरपूर मात्रा में होता है. इस वजह से यह हार्ट हेल्‍थ के साथ-साथ याददाश्‍त मजबूत करने में भी कारगर होता है. इसमें कई ऐसे तत्‍व होते हैं जो एंटी-एजिंग का काम करते हैं. इन तत्‍वों की वजह से ही शरीर पर उम्र का असर भी कम नजर आता है.

6 / 6 इस बाजरा में फाइबर भी जमकर होता है और इसलिए अगर इसका भात अगर खाया जाए तो शरीर से सारे जहरीले तत्‍व बाहर निकल जाते हैं. इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन बालों को मजबूत बनाता है और त्‍वचा को चमकदार रखता है.

इस बाजरा में फाइबर भी जमकर होता है और इसलिए अगर इसका भात अगर खाया जाए तो शरीर से सारे जहरीले तत्‍व बाहर निकल जाते हैं. इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन बालों को मजबूत बनाता है और त्‍वचा को चमकदार रखता है.

Published: 1 Mar, 2025 | 03:57 PM