गर्मी में मुर्गियों की सेहत पर बड़ा खतरा! अंडा और वजन घटने से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की एडवाइजरी
Poultry Farming Tips: गर्मी का मौसम न केवल लोगों के लिए बल्कि पोल्ट्री के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है. पशुपालन विभाग के एडवाइजरी के अनुसार जब तापमान बढ़ता है, तो मुर्गियां और अन्य पालतू पक्षी गर्मी के तनाव का सामना करने लगते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता है और अंडा या मांस उत्पादन में कमी आ सकती है. कई किसान यह सोचते हैं कि गर्मी तो हर साल आती है, लेकिन सही सावधानी और तकनीक अपनाकर आप अपने पालतू पक्षियों को स्वस्थ और उत्पादक बनाए रख सकते हैं.
पशुपालन विभाग के एडवाइजरी के अनुसार तापमान बढ़ते ही अपनी मुर्गियों और पोल्ट्री पर निगरानी बढ़ा दें. अगर पंख फैलाना, तेज सांस लेना, सुस्ती, कम मूवमेंट या अंडा उत्पादन में गिरावट जैसी लक्षण दिखें, तो समझें कि पक्षी गर्मी के तनाव का सामना कर रहे हैं. शुरुआती संकेतों को पहचानना सबसे महत्वपूर्ण कदम है.
जैसे ही आप गर्मी के किसी भी लक्षण को देखें, तुरंत कार्रवाई करें. पोल्ट्री को पानी छिड़कना, फैन चालू करना या छायादार जगह पर ले जाना जैसी सरल तकनीकें उनके स्वास्थ्य को तुरंत आराम देती हैं और उनके उत्पादन को सुरक्षित रखती हैं.
पोल्ट्री शेड को अच्छी तरह हवादार और छायादार बनाना बेहद जरूरी है. गर्मी में ठंडी हवा और धूप से बचाव उनके तनाव को कम करता है, जबकि बंद और गर्म वातावरण उनके स्वास्थ्य और प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
गर्मियों में पोल्ट्री के लिए साफ और ठंडा पानी हमेशा उपलब्ध होना चाहिए. गर्म और गंदा पानी उन्हें और अधिक गर्मी का शिकार बना सकता है. इसके साथ ही संतुलित आहार और पर्याप्त मिनरल्स देना भी उनके ऊर्जा स्तर और अंडा उत्पादन के लिए आवश्यक है.
अत्यधिक तापमान में शेड में फैन, कूलर या पानी की हल्की छिड़काव तकनीकें अपनाना फायदेमंद होता है. यह न केवल पोल्ट्री को ठंडक देता है, बल्कि उनकी ऊर्जा को बनाए रखता है और गर्मी के कारण होने वाले स्ट्रेस को कम करता है.
पोल्ट्री का स्वास्थ्य सीधे उनके अंडा उत्पादन और मांस की गुणवत्ता पर असर डालता है. जब पक्षी ठंडे, हवादार और सुरक्षित माहौल में रहते हैं, तभी उनका उत्पादन स्थिर रहता है और किसान को बेहतर लाभ मिलता है. इसलिए गर्मी से बचाव के उपाय अपनाना अनिवार्य है.