PHOTOS: चुनाव से पहले असम के चाय बागानों में दिखा PM मोदी का अलग अंदाज, बताया जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव!

PM Modi In Assam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिब्रूगढ़ के चाय बगान का दौरा कर न सिर्फ असम की ‘चाय की आत्मा’ को महसूस किया, बल्कि वहां काम करने वाली महिलाओं के उत्साह और मेहनत से भी खुद को जोड़ लिया. प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे को जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बताया. चुनाव से पहले का यह दौरा दिखाता है कि चाय के खेत सिर्फ असम की शान ही नहीं, बल्कि वहां की सामाजिक और आर्थिक ऊर्जा का भी प्रतीक हैं.

नोएडा | Updated On: 1 Apr, 2026 | 06:33 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दिब्रूगढ़ स्थित चाय बगान का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने वहां काम कर रही महिलाओं से सीधे बातचीत की और उनके मेहनत भरे जीवन को करीब से देखा. यह दौरा चुनाव से पहले की तैयारियों और लोगों के साथ सीधे जुड़ाव का हिस्सा माना जा रहा है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने चाय को ‘असम की आत्मा’ बताते हुए इसकी वैश्विक पहचान और राज्य की सांस्कृतिक महत्वता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि असम की चाय केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लोगों तक पहुंच चुकी है.

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प्रधानमंत्री ने चाय बगान में काम करने वाले परिवारों की मेहनत और समर्पण की तारीफ की. उनका कहना था कि इन लोगों की कड़ी मेहनत असम की शान बढ़ाती है और राज्य की गौरवशाली छवि को दुनिया में पहचान दिलाती है.

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प्रधानमंत्री ने चाय पत्तियों की तुड़ाई का अनुभव किया और महिलाओं के साथ सेल्फी ली. इस दौरान उन्होंने महिलाओं के साथ उनकी सांस्कृतिक परंपराओं और जीवन शैली पर भी बातचीत की, जिससे स्थानीय जीवन और संस्कृति की झलक सामने आई.

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असम में इतनी चाय बनती है कि यह पूरे भारत के चाय उत्पादन का आधा हिस्सा है. हर साल ब्रह्मपुत्र और बारक घाटियों में लगभग 630–700 मिलियन किलो चाय उगाई जाती है. दिब्रूगढ़, तिनसुकिया और जोरहाट ऐसे मुख्य इलाके हैं जहां चाय सबसे ज्यादा उगती है. यही वजह है कि असम की चाय पूरे दुनिया में मशहूर है.

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असम में सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक चरण में होगा और वोटों की गिनती 4 मई को. पीएम मोदी ने चुनावी रैलियों में पिछले दस सालों में भाजपा शासन में राज्य के विकास, सेवा और सुशासन के कार्यों को उजागर किया.

Published: 1 Apr, 2026 | 05:24 PM

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