गेहूं स्टोरेज में एक छोटी सी गलती कर सकती है पूरी उपज बर्बाद! घुन-फफूंद से बचाने के लिए करें ये उपाय!
Wheat Storage Tips: गेहूं की फसल कटने के बाद किसान अक्सर सोचते हैं कि मेहनत खत्म हो गई, लेकिन असली चुनौती तो यहीं से शुरू होती है. अगर स्टोरेज यानी भंडारण सही तरीके से न किया जाए, तो महीनों की मेहनत कुछ ही समय में खराब हो सकती है. कीड़े, घुन और नमी मिलकर पूरे अनाज को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए गेहूं को सुरक्षित रखने के सही तरीके जानना हर किसान के लिए बहुत जरूरी है, ताकि फसल की गुणवत्ता बनी रहे और साल भर अच्छा मुनाफा मिल सके.
गेहूं को स्टोर करने से पहले उसमें नमी 8 से 10 फीसदी के बीच होनी चाहिए. इससे ज्यादा नमी होने पर घुन, कीड़े और फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है और अनाज की गुणवत्ता खराब हो जाती है.
कटाई और थ्रेशिंग के बाद गेहूं को अच्छी तरह धूप में सुखाना चाहिए. जब दाना दांत से काटने पर साफ टूटे, तभी उसे स्टोरेज के लिए तैयार माना जाता है.
भंडारण से पहले गोदाम या कोठरी को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. पुराना अनाज और कचरा हटाकर दीवारों की दरारें बंद करनी चाहिए, ताकि कीड़े और नमी अंदर न पहुंच सकें.
पुरानी जूट की बोरियों को इस्तेमाल से पहले धूप में अच्छी तरह सुखाना चाहिए ताकि कीटों के अंडे खत्म हो जाएं. अगर टंकी या कंटेनर इस्तेमाल हो तो वह पूरी तरह एयरटाइट होना चाहिए.
स्टोरेज के दौरान नीम की सूखी पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अनाज में कीट नहीं लगते और यह सुरक्षित रहता है.
हर 15–20 दिन में स्टोरेज की जांच करनी चाहिए. अगर अनाज गर्म लगे या बदबू आए तो उसे तुरंत धूप में सुखाकर सुरक्षित किया जा सकता है, जिससे नुकसान से बचाव होता है.