पीएम फसल बीमा की मुआवजा राशि जारी, 10 लाख किसानों के खाते में भेजे 1450 करोड़ रुपये

PM Fasal Bima Yojana Compensation : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फसल बीमा मुआवजा राशि जारी कर दी है. उन्होंने कहा कि इस बार अल नीनो प्रभाव के चलते अच्छे मॉनसून का अनुमान नहीं है. ऐसी स्थिति में किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तिथि से पूर्व जरूर करवा लें.

नोएडा | Updated On: 19 Jul, 2026 | 01:06 PM

मध्य प्रदेश के किसानों को आज फसल बीमा की राशि जारी कर दी गई है. जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के खातों में 1460 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं. यह मुआवजा राशि 2024-25 के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को दी गई है. मुख्यमंत्री ने किसानों से बात करते हुए कहा कि सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को हर योजना का लाभ दे रही है. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हर जिले में बलराम कृषि महोत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि उन्हें नवाचार और कौशल और कृषि विकास के मौके मिल सकें.

10 लाख किसानों के खाते में 1460 करोड़ रुपये जारी

मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक भोपाल जिले के जगदीशपुर में आयोजित की गई है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज 19 जुलाई को 10.54 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि 1460.25 करोड़ ट्रांसफर कर दी है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हर संभव मदद को तैयार है और किसानों के नुकसान की भरपाई का वादा निभाया जा रहा है. इसी कड़ी में यहां से किसानों को फसल मुआवजा की राशि जारी की गई है.

अब तक फसल बीमा क्लेम के रूप में 30 हजार करोड़ रुपये भेजे

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पहले साल से 2024-25 तक किसानों को 30,942.34 करोड़ रुपये का भुगतान मुआवजा राशि के रूप में किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित किसान के लिए सरकार हर समय तैयार है और मदद की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर किसानों को बीमा दावा भुगतान कर उनके वित्तीय हितों की रक्षा करती है.

अल नीनो के चलते फसल नुकसान से बचने के लिए बीमा जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल बीमा कराकर योजना का लाभ लेने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि इस बार अल नीनो प्रभाव के चलते अच्छे मॉनसून का अनुमान नहीं है. ऐसी स्थिति में किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तिथि से पूर्व जरूर करवा लें, ताकि उपज में हानि होने पर वित्तीय सहायता दी जा सके. मध्यप्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है और किसानों के हित के लिए लगातार काम कर रही है.

Published: 19 Jul, 2026 | 01:03 PM

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