पीएम किसान में बड़ा फर्जीवाड़ा! छत्तीसगढ़ में 11 हजार से ज्यादा संदिग्ध लाभार्थी, 4800 की किस्त रोकी

PM Kisan Samman Nidhi: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पीएम किसान योजना की जांच के दौरान 11 हजार से ज्यादा संदिग्ध किसानों की पहचान हुई है. इनमें 1,310 अपात्र और 2,000 से ज्यादा मृत किसान शामिल हैं. विभाग ने 4,800 संयुक्त खाते वाले किसानों की अगली किस्त रोक दी है.

नोएडा | Updated On: 7 Sep, 2026 | 03:29 PM

PM Kisan Update: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. कृषि विभाग की जांच और किसानों के जमीन व दस्तावेजों के मिलान के दौरान 11 हजार से ज्यादा ऐसे किसानों की पहचान हुई है, जिनकी पात्रता पर सवाल खड़े हुए हैं. इसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सबसे बड़ा कदम 4,800 संयुक्त बैंक खाते वाले किसानों के खिलाफ उठाया गया है. इन किसानों की अगली किस्त की राशि फिलहाल रोक दी गई है. विभाग का कहना है कि अब योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं.

जांच में मिले अपात्र और मृत किसान

जांच के दौरान पता चला कि रायपुर जिले में 1,310 ऐसे किसान भी योजना का लाभ ले रहे थे, जो इसके लिए पात्र नहीं थे. इसके अलावा 2,000 से ज्यादा ऐसे किसानों के नाम सामने आए, जिनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम पर योजना की राशि अब भी जारी हो रही थी. बताया गया कि कोरोना महामारी के दौरान जिन किसानों की मौत हुई, उनके परिवार की ओर से कई मामलों में कृषि विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई. इसके चलते मृत किसानों के बैंक खातों में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम पहुंचती रही.

योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में मिलते हैं. यानी हर चार महीने में 2,000 रुपये किसानों के खाते में भेजे जाते हैं. विभाग ने अब ऐसे मृत और अपात्र किसानों की पहचान से जुड़ी जानकारी को ऑनलाइन व्यवस्था में रोक दिया है, ताकि आगे उनके नाम पर पैसा न जाए.

4,800 किसानों की अगली किस्त पर रोक

जांच में संयुक्त बैंक खाते भी बड़ी संख्या में सामने आए. कृषि विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसान का व्यक्तिगत बैंक खाता होना जरूरी है. संयुक्त खाते के मामले में नियमों के मुताबिक किस्त जारी नहीं की जा सकती. इसी वजह से रायपुर में करीब 4,800 किसानों की अगली किस्त रोक दी गई है. विभाग ने इन किसानों को अपना बैंक खाता ठीक कराने के निर्देश दिए हैं. अच्छी बात यह है कि करीब 4,000 किसान अब तक अपने पुराने संयुक्त खाते की जगह नया व्यक्तिगत खाता खुलवा चुके हैं. जिन किसानों ने अभी तक यह बदलाव नहीं किया है, उन्हें पहले अपना एकल बैंक खाता सक्रिय कराना होगा.

अब सिर्फ पात्र किसानों को मिलेगा लाभ

कृषि विभाग की इस कार्रवाई का मकसद योजना में हो रही गड़बड़ी को रोकना और सरकारी पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है. जांच के बाद मृत, अपात्र और नियमों को पूरा नहीं करने वाले किसानों को योजना की सूची से हटाया जा रहा है. इससे उन किसानों को फायदा मिलेगा, जो वास्तव में खेती कर रहे हैं और योजना की सभी शर्तों को पूरा करते हैं. विभाग अब दस्तावेजों और बैंक खातों की जानकारी का मिलान कर यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि सरकारी मदद सही व्यक्ति तक पहुंचे.

क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की प्रमुख किसान सहायता योजना है. इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह पैसा तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है. हर किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं. किसान इस रकम का इस्तेमाल खेती के लिए खाद, बीज और दूसरी जरूरतों के साथ घरेलू खर्च में भी कर सकते हैं.

Published: 7 Sep, 2026 | 03:28 PM

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