गरुड़ एयरोस्पेस ने एयरबस हेलीकॉप्टर के साथ किया समझौता, फ्लेक्सरोटर ड्रोन पर बड़ी डील
फ्लेक्सरोटर एक बहुपयोगी हल्का टैक्टिकल ड्रोन है, जिसे लंबी उड़ान क्षमता और उन्नत सेंसर के साथ काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन लगभग 25 किलोग्राम (55 पाउंड) है और यह सामान्य ऑपरेशनल सेटअप में 12- 14 घंटे तक मिशन चला सकता है.
Garuda Aerospace: चेन्नई स्थित ड्रोन तकनीक और सेवाएं देने वाली कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस ने एयरबस हेलीकॉप्टर के साथ एक समझौता किया है. इस समझौते के तहत कंपनी 18 फ्लेक्सरोटर अनक्रूड एरियल सिस्टम (UAS) खरीदेगी. यह कदम गरुड़ा एयरोस्पेस की वैश्विक ड्रोन लीजिंग और सेवाओं के कारोबार को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. खास बात यह है कि इन फ्लेक्सरोटर ड्रोन को कंपनी अपने ग्लोबल फ्लीट में शामिल करेगी और ग्राहकों को ड्राई लीज और वेट लीज दोनों मॉडल के जरिए उपलब्ध कराएगी.
साथ ही इनका इस्तेमाल बुनियादी ढांचे की जांच, तेल-गैस पाइपलाइन की निगरानी, बिजली लाइनों का निरीक्षण, रेलवे और हाईवे मॉनिटरिंग, आपदा प्रबंधन, जंगल की आग पर नजर रखने, कानून व्यवस्था और सर्च-एंड-रेस्क्यू जैसे कई कामों में किया जाएगा. गरुड़ एयरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा कि एयरबस हेलीकॉप्टर के साथ फ्लेक्सरोटर ड्रोन को अपने वैश्विक लीजिंग पोर्टफोलियो में शामिल करना कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और निवेश रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि कंपनी अब तक 5,000 से ज्यादा ड्रोन बना और बेच चुकी है और दुनिया भर में 500 से अधिक एंटरप्राइज और सरकारी ग्राहकों को सेवाएं दे चुकी है. अब कंपनी अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाने और वैश्विक उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर काम कर रही है.
कंपनी ने अब तक 10 लाख से ज्यादा फ्लाइट घंटे पूरे किए हैं
जयप्रकाश ने यह भी कहा कि कंपनी ने अब तक 10 लाख से ज्यादा फ्लाइट घंटे पूरे किए हैं और एग्री-ड्रोन सेगमेंट में लगभग 30 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रखती है. कृषि, रक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूदगी के साथ फ्लेक्सरोटर ड्रोन के आने से कंपनी की क्षमता और मजबूत होगी, जिससे वह दुनिया भर में चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण मिशनों के लिए लंबे समय तक उड़ान भरने वाले ड्रोन समाधान उपलब्ध करा सकेगी.
ऑपरेशनल सेटअप में 12- 14 घंटे तक मिशन चला सकता है
फ्लेक्सरोटर एक बहुपयोगी हल्का टैक्टिकल ड्रोन है, जिसे लंबी उड़ान क्षमता और उन्नत सेंसर के साथ काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन लगभग 25 किलोग्राम (55 पाउंड) है और यह सामान्य ऑपरेशनल सेटअप में 12- 14 घंटे तक मिशन चला सकता है. इसे बड़ी जगहों पर इंटेलिजेंस, निगरानी, मॉनिटरिंग और डेटा कलेक्शन जैसे कामों के लिए उपयुक्त माना जाता है.
केवल 3.7×3.7 मीटर जगह की जरूरत पड़ती है
इस ड्रोन की खासियत इसकी तेज तैनाती और कम जगह की जरूरत है. यह सीमित जमीन या समुद्री प्लेटफॉर्म से स्वतः लॉन्च और रिकवरी कर सकता है. खास बात यह है कि इसे केवल 3.7×3.7 मीटर जगह की जरूरत पड़ती है. इसका कॉम्पैक्ट और मॉड्यूलर डिजाइन इसे 30 मिनट से भी कम में ट्रांसपोर्ट से उड़ान के लिए तैयार कर देता है.