Chhattisgarh Budget: 2024 करोड़ की लगात से बनेगा बैराज, महिलाओं के लिए कई घोषणाएं.. किसानों को भी मिला गिफ्ट

महिलाओं और युवाओं के लिए बजट में कई खास घोषणाएं की गई हैं. महिलाओं के नाम पर खरीदी गई संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. रानी दुर्गावती योजना के तहत पात्र बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे.

नोएडा | Updated On: 24 Feb, 2026 | 07:18 PM

Chhattisgarh Budget 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ‘संकल्प’ थीम के तहत यह तीसरा बजट प्रस्तुत किया. इस बजट में कृषि सेक्टर पर फोकस किया गया. साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाओं का भी ऐलान किया गया. खास बात यह है कि सिंचाई क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर 2,024 करोड़ रुपये की लागत से एक बैराज बनाया जाएगा. इससे बस्तर में अतिरिक्त 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी. साथ ही कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े प्रावधान किए हैं. किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 10,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कृषि पंपों पर 5,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. भूमिहीन कृषि परिवारों को सहायता देने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, बस्तर और सरगुजा में ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये से कृषि आधारित उद्योग,  राइस मिल, पोल्ट्री यूनिट और एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,700 करोड़ रुपये ग्रामीण सड़कों के विस्तार के लिए दिए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

महिलाओं को मिलेंगे 1.5 लाख रुपये

महिलाओं और युवाओं के लिए बजट में कई खास घोषणाएं की गई हैं. महिलाओं के नाम पर खरीदी गई संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. रानी दुर्गावती योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री लखपति दीदी  परिक्रमा योजना के जरिए महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत किया जाएगा और 250 महतारी सदनों का निर्माण होगा. रायपुर में ओबीसी छात्राओं के लिए 200 सीटों का छात्रावास बनाया जाएगा और 22 करोड़ रुपये की लागत से पांच नई नालंदा लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी.

सरकारी कर्मचारियों के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रावधान

सरकारी कर्मचारियों के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की गई है, जिससे वे पैनल अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान इलाज करा सकेंगे. शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. इस बजट में बस्तर, सरगुजा और पहले नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के विकास पर खास जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे जनकल्याण के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि सरकार कृषि, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान देगी.

दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज खुलेगा

बजट में कुल खर्च का 40 प्रतिशत सामाजिक क्षेत्र, 36 प्रतिशत आर्थिक विकास और 24 प्रतिशत प्रशासनिक सेवाओं के लिए रखा गया है. पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 14,300 करोड़ रुपये का ग्रीन बजट भी प्रस्तावित किया गया है. बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं. अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से दो ‘एजुकेशन सिटी’ बनाई जाएंगी, जिससे दूर-दराज इलाकों में शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी. स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज और मेडिकल सिटी खोले जाएंगे. दूरस्थ जिलों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा. रायपुर में 200 बिस्तरों का अस्पताल, कालीबाड़ी में मदर-चाइल्ड अस्पताल और चिरमिरी में जिला अस्पताल भी बनाया जाएगा.

उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये कर दिया गया

उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये कर दिया गया है. नवा रायपुर- राजनांदगांव में 10 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक परिसर विकसित किया जाएगा. स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पांच बड़े हवाई अड्डों पर शोरूम खोले जाएंगे. इसके अलावा, मुख्यमंत्री एआई मिशन, पर्यटन विकास मिशन, स्पोर्ट्स एक्सीलेंस मिशन, इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, स्टार्ट-अप मिशन और निपुण मिशन सहित छह प्रमुख योजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कुल मिलाकर 2026–27 का बजट कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सड़क, पर्यावरण और रोजगार जैसे सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें बस्तर को विकास की केंद्रीय धुरी बनाया गया है.

Published: 24 Feb, 2026 | 07:16 PM

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