पूर्वोत्तर में बारिश का कहर! अरुणाचल में सेना के 5 जवान लापता, सिक्किम में बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा
Arunachal Pradesh Flood: पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में हालात बिगाड़ दिए हैं. अरुणाचल की अचानक आई बाढ़ में सेना के 5 जवान लापता हैं, जबकि अपर सुबनसिरी में भूस्खलन से 4 लोगों की मौत हुई है. सिक्किम में भी लैंडस्लाइड के चलते करीब 28 परिवारों के 60 लोगों पर खतरा मंडरा रहा है.
Arunachal Pradesh Landslide: पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी जिले में अचानक आई बाढ़ में सेना के दो अस्थायी कैंप बह गए, जिसमें पांच सैन्यकर्मी लापता हो गए हैं. वहीं, अपर सुबनसिरी जिले में सड़क निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई. दूसरी ओर, सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में बड़े भूस्खलन के बाद करीब 28 परिवारों के 60 लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजने की तैयारी की जा रही है.
दिबांग घाटी में अचानक आई बाढ़, 5 जवान लापता
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी जिले में शुक्रवार शाम भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई. तेज बहाव की चपेट में सेना के दो अस्थायी कैंप भी आ गए. अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त वहां सात सैन्यकर्मी मौजूद थे, जो बाढ़ के पानी में बह गए. बचाव दल ने अभियान चलाकर दो सैन्यकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन पांच जवान अभी भी लापता हैं. उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लगातार बारिश के कारण इलाके में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है.
अपर सुबनसिरी में भूस्खलन से 4 लोगों की मौत
अरुणाचल के अपर सुबनसिरी जिले में भी बारिश के बीच बड़ा हादसा हुआ. केओजारिंग-बयाचिंग सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान अचानक पहाड़ी से भारी मलबा नीचे आ गया और वहां काम कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए. हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान ताडू बाकी, ताजी राय, मार्कोश बसुमतारी और बाबुल अली के रूप में हुई है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान सड़क निर्माण और आवाजाही के समय भूस्खलन का खतरा और बढ़ जाता है.
सिक्किम में 28 परिवारों पर खतरा
अरुणाचल के बाद सिक्किम में भी लैंडस्लाइड ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. पश्चिम सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के युक्साम इलाके में बड़े भूस्खलन के बाद कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन के मुताबिक, रिंबी इलाके में करीब 28 परिवारों के 60 लोग प्रभावित हो सकते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब 15 दिनों से जमीन खिसकने का सिलसिला जारी है. कई परिवारों को घरों के अचानक इसकी चपेट में आने का डर सता रहा है. सिंगलिटाम गांव में भी कुछ मकान भूस्खलन की चपेट में आ चुके हैं. जमीन खिसकने का खतरा अभी भी बना हुआ है.
प्रशासन ने शुरू की सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को मौके का जायजा लेने, खतरे वाले घरों की पहचान करने और प्रभावित लोगों को जरूरी मदद देने को कहा गया है. युक्साम के एसडीएम और बीडीओ इलाके का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद जिला कलेक्टर और अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी मौके पर जाकर स्थिति की समीक्षा करेंगे.
मॉनसून में बढ़ जाता है खतरा
अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे पहाड़ी राज्यों में मॉनसून के दौरान लगातार बारिश से भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क धंसने और मलबा गिरने का खतरा बढ़ जाता है. मौजूदा हालात में प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ सड़क संपर्क और जरूरी सेवाओं को बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती है. फिलहाल अरुणाचल प्रदेश में लापता सैन्यकर्मियों की तलाश जारी है, जबकि सिक्किम में प्रशासन प्रभावित परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी में जुटा है.