मॉनसून को लेकर बड़ा अपडेट, 2 जुलाई के बाद सामान्य से अधिक होगी बारिश ! खरीफ बुवाई को मिलेगी गति
IMD और ECMWF के ताजा अनुमान के अनुसार जुलाई की शुरुआत में देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खरीफ बुवाई को गति मिलेगी. हालांकि जुलाई के मध्य के बाद मॉनसून कुछ कमजोर पड़ सकता है. राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश, जबकि उत्तर और पूर्वी भारत में सामान्य वर्षा का अनुमान है.
Monsoon Update: देश में मॉनसून की रफ्तार अगले कुछ दिनों तक अच्छी बनी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, जुलाई की शुरुआत तक देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी. 25 जून से 1 जुलाई के बीच दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में बारिश सामान्य से कुछ कम रह सकती है. हालांकि, 2 से 8 जुलाई के दौरान स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है. इस अवधि में लगभग पूरे देश में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान है.
IMD ने उत्तर बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने की भी संभावना जताई है, जिससे मॉनसून और मजबूत हो सकता है. मौसम विभाग का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के पहले सप्ताह की बारिश खरीफ बुवाई में आई शुरुआती देरी को काफी हद तक पूरा करने में मदद कर सकती है.N यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसी (ECMWF) के ताजा अनुमान के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में देश के कई हिस्सों में मॉनसून मजबूत बना रह सकता है. 29 जून से 6 जुलाई के दौरान ओडिशा, विदर्भ, उत्तर आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा पश्चिमी तटवर्ती इलाकों में भी मॉनसून सक्रिय रहने का अनुमान है.
भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है
पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण, मुंबई और गोवा में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं, तटीय कर्नाटक और केरल में भी व्यापक बारिश होने की संभावना है, हालांकि इसकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम रह सकती है. दूसरी ओर, पूर्वी तमिलनाडु, उत्तर गुजरात, उत्तर-पश्चिम राजस्थान (श्रीगंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर) तथा पश्चिम बंगाल के सुंदरबन क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है.
6 से 13 जुलाई के बीच कितनी होगी बारिश
यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसी (ECMWF) के अनुसार, 6 से 13 जुलाई के बीच उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. इस दौरान पश्चिमी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिम बंगाल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात और पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश का अनुमान है. हालांकि, उत्तर राजस्थान, दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ के कुछ इलाकों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में बारिश सामान्य से कम रह सकती है.
दिल्ली-हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम
वहीं, जुलाई के मध्य के बाद मौसम का रुख कुछ कमजोर पड़ने के संकेत हैं. ECMWF के अनुमान के मुताबिक, जुलाई के दूसरे पखवाड़े और अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है. इससे कुछ क्षेत्रों में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है. यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसी (ECMWF) के अनुसार, जुलाई के दूसरे पखवाड़े में पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम तथा मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य स्तर की बारिश हो सकती है. इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ क्षेत्र शामिल हैं.
सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है
इसके विपरीत राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी तटीय राज्यों और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के दूसरे हिस्से में मॉनसून की रफ्तार कुछ कमजोर पड़ सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी देखने को मिल सकती है.