मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद में देरी समेत स्लॉट बुकिंग दिक्कत और सही दाम, भुगतान नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी देखी जा रही है. रायसेन समेत कई जिलों में किसान संगठन बीते कई दिनों से ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं. लेकिन, केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद भी जमीन पर स्थितियां किसानों के विपरीत बनी होने का संज्ञान लेते हुए किसान कांग्रेस ने 7 मई को मुख्य हाइवे जाम करने का ऐलान किया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों को 1800 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है, जबकि सरकार दावा करती है कि एमएसपी के साथ बोनस दिया जा रहा है. जमीन पर हालात गेहूं किसानों के लिए बेहद खराब हो गए हैं.
आदेश तो जारी हुए पर जमीन पर अमल नहीं
किसान महापंचायत के मध्य प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि जिस तरह से केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद को लेकर आदेश जारी किए हैं, उससे लग सकता है कि गेहूं खरीद चौकस तरीके से चल रही है. लेकिन असलियत इसके उलट है. उन्होंने कहा कि 3 दिन पहले 24 अप्रैल को रायसेन जिला प्रशासन को संगठन ने ज्ञापन देकर किसानों को हो रही परेशानियों के बारे में अवगत कराया था, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है.
रायसेन मंडी स्थल पर विरोध प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि किसानों से किए जा रहे वादे और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है. उनके संगठन ने 28 अप्रैल को रायसेन में मंडी स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है. जबकि, भारतीय किसान संघ भी कई जिलों में विरोध प्रदर्शन कर रहा है. वहीं, कई अन्य किसान संगठन भी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.

किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम को गेहूं खरीद दिक्कतों पर ज्ञापन सौंपा.
7 मई को आगरा-मुंबई हाईवे जाम करने की चेतावनी
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मंगलवार को कहा कि भले ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश से आते हैं, लेकिन राज्य के किसानों को ही सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों के साथ हो रहा अन्याय तुरंत नहीं रोका गया, तो कांग्रेस 7 मई को किसानों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाला आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर देंगे.
गहरे कर्ज में डूबे किसान – किसान कांग्रेस
जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य के किसानों को खाद की कमी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद में रुकावट, जूट के बोरों की कमी और जमीन माफियाओं द्वारा जमीन पर कब्जा करने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल विज्ञापनों के जरिए ‘किसान कल्याण वर्ष’ (2026) मना रही है, जबकि हकीकत यह है कि किसान गहरे कर्ज में डूबे हुए हैं और अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.