IMD की बड़ी चेतावनी! बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ डीप डिप्रेशन, 5 दिनों तक होगी भारी बारिश
Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन और मजबूत हो गया है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. IMD ने मछुआरों को 29 जुलाई तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.
IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) और मजबूत हो गया है. यह सिस्टम तेजी से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि इसके असर से पूर्वी भारत से लेकर उत्तर भारत तक कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. आईएमडी ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है. खासतौर पर तटीय इलाकों, निचले क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
बंगाल-ओडिशा तट पर पहुंचेगा गहरा दबाव
मौसम विभाग के अनुसार, यह गहरा दबाव सोमवार दोपहर के आसपास बालासोर (ओडिशा) और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) के बीच तट से टकराने की संभावना है. इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. समुद्र में भी ऊंची लहरें उठने और मौसम बेहद खराब रहने की आशंका जताई गई है.
मछुआरों के लिए चेतावनी
आईएमडी ने पश्चिम बंगाल तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों को 29 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार, समुद्री क्षेत्रों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति कुछ स्थानों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. ऐसे में समुद्र बेहद उग्र रहने की संभावना है.
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
मौसम विभाग ने ओडिशा के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़, कच्चे मकानों को नुकसान और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है. वहीं दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उप-हिमालयी जिलों में 1 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
झारखंड, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में भी असर
गहरे दबाव का असर झारखंड में भी दिखाई देगा. मौसम विभाग ने 27 से 31 जुलाई के बीच कई जिलों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है. इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में बदलेगा मौसम
आईएमडी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट लेने वाला है. 27 जुलाई की शाम से बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है. इसके साथ ही हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 28 से 31 जुलाई के बीच अच्छी बारिश का अनुमान है. खासकर 30 और 31 जुलाई को कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है.
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी मानसून फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले कई दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताई है. लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और यात्रा प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है.
इन राज्यों में भी बारिश का असर
आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है. राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में जाने से परहेज करें और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की सलाह का पालन करें.