गोवा से लेकर पूर्वोत्तर तक देश में तेजी से बढ़ रहा मॉनसून, लेकिन अल नीनो को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता

El Nino: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गोवा समेत महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में आगे बढ़ते हुए अपनी रफ्तार तेज कर दी है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और राज्यों में मॉनसून के विस्तार की संभावना जताई है. वहीं, अल नीनो के विकसित होने की 80-90 फीसदी संभावना ने भविष्य की बारिश को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

नोएडा | Published: 7 Jun, 2026 | 08:01 AM

Monsoon Update India: भारत में मॉनसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने शनिवार को पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ते हुए गोवा को पूरी तरह कवर कर लिया है. इसके अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी मॉनसून की पहुंच बढ़ी है. हालांकि बारिश की यह अच्छी खबर किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन दूसरी ओर अल नीनो के बढ़ते संकेत मौसम वैज्ञानिकों की चिंता भी बढ़ा रहे हैं.

गोवा समेत कई राज्यों में पहुंचा मॉनसून

मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून अब पूरे गोवा में सक्रिय हो चुका है. इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों तक इसकी पहुंच हो गई है. तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश का असर दिखने लगा है. वहीं पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और मणिपुर तक मॉनसून आगे बढ़ चुका है.

आईएमडी का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान मॉनसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बाकी हिस्सों में भी पहुंच सकता है. पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में भी बारिश बढ़ने की संभावना है.

कई इलाकों में सक्रिय हुए बारिश वाले बादल

शनिवार शाम की सैटेलाइट तस्वीरों में दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में घने बारिश वाले बादल दिखाई दिए. कर्नाटक के हुबली, बेलगावी और कलबुर्गी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर और रत्नागिरी, आंध्र प्रदेश के हैदराबाद, काकीनाडा और विशाखापत्तनम सहित कई क्षेत्रों में बादलों की मजबूत गतिविधि देखी गई. इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के दक्षिणी हिस्सों में भी बारिश की संभावना वाले बादल सक्रिय नजर आए. इससे आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद बढ़ गई है.

मुंबई और गुजरात में गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून के आसपास एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो सकता है. यह सिस्टम अरब सागर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में पहुंचकर और मजबूत हो सकता है. अगर यह सिस्टम अपेक्षित रूप से विकसित होता है, तो कुछ राज्यों में बारिश होने और तापमान में कमी आने की संभावना भी बन सकती है. अगर ऐसा होता है तो मुंबई और दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में लगातार कई दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है. इससे स्थानीय मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है.

अल नीनो के बढ़ते संकेत बढ़ा रहे चिंता

बिजनेस लाइन के रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर मॉनसून की बढ़ती रफताक अच्छी खबर है, वहीं दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिक अल नीनो के विकसित होने की ओर इशारा कर रहे हैं. प्रशांत महासागर का तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह सामान्य स्तर से ऊपर पहुंच चुका है. अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों का अनुमान है कि जून और जुलाई के दौरान अल नीनो बनने की संभावना काफी ज्यादा है और यह 0.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर चुका है.

विश्व मौसम संगठन (WMO) का अनुमान है कि जून और जुलाई के दौरान अल नीनो बनने की संभावना 80 से 90 फीसदी तक पहुंच गई है. यह स्थिति नवंबर से जनवरी के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है.

मॉनसून पर पड़ सकता है असर

प्रशांत महासागर की परिस्थितियां तेजी से न्यूट्रल स्थिति से अल नीनो की ओर बढ़ रही हैं. हालांकि समुद्र में होने वाले बदलावों का असर वातावरण पर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन इसके शुरुआती प्रभाव वैश्विक मौसम पैटर्न और भारतीय मॉनसून पर पड़ सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने फिलहाल ENSO (अल नीनो-सदर्न ऑसिलेशन) को न्यूट्रल बताया है, लेकिन कई संकेतक लगातार अल नीनो की दिशा में बढ़ रहे हैं.

किसानों और आम लोगों के लिए क्या मतलब?

फिलहाल मॉनसून की प्रगति सामान्य दिखाई दे रही है और कई राज्यों में बारिश बढ़ रही हैं. लेकिन अगर आने वाले महीनों में अल नीनो मजबूत होता है, तो इसका असर बारिश और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है. इसलिए मौसम विभाग और वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. आने वाले कुछ सप्ताह मॉनसून और अल नीनो दोनों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं.

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