पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड! गांधी घाट पर जलस्तर 50.56 मीटर, निचले इलाके डूबे

Bihar Flood: बिहार में भारी बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी 50.56 मीटर तक पहुंच गया है, जिसने 2016 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

नोएडा | Published: 5 Sep, 2026 | 02:18 PM

Patna Flood: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पटना में हालात ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं. शनिवार सुबह गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर पिछले चार घंटों में करीब 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर पहुंच गया. यह नदी के उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब एक सेंटीमीटर ऊपर है. जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की है.

2016 का रिकॉर्ड टूटा

पटना के गांधी घाट पर गंगा का अब तक का सबसे ऊंचा जलस्तर 21 अगस्त 2016 को 50.52 मीटर दर्ज किया गया था. शनिवार को गंगा का जलस्तर इस पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर गया. शनिवार दोपहर 12 बजे तक जलस्तर बढ़कर करीब 50.56 मीटर पहुंच गया. यह पटना में गंगा के अब तक के सबसे ऊंचे जलस्तर में नया रिकॉर्ड है. जल संसाधन विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, गांधी घाट पर गंगा का पानी रविवार सुबह 8 बजे तक और बढ़ सकता है और जलस्तर करीब 50.62 मीटर तक पहुंचने की आशंका है. ऐसे में आने वाले कुछ घंटे काफी अहम माने जा रहे हैं.

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

सिर्फ गंगा ही नहीं, बिहार की कई दूसरी नदियों में भी पानी लगातार बढ़ रहा है. भारी बारिश के साथ नेपाल में हुई बारिश का असर भी राज्य की नदियों पर पड़ रहा है. गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके चलते राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. शुक्रवार को पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति देखने को मिली.

पटना के कई घाटों पर बढ़ा खतरा

पटना में गंगा दीघा घाट, गांधी घाट, हाथीदह और मनेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव समेत कई जगहों पर भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है. पटना के श्रीपालपुर और पुनपुन इलाके में पुनपुन नदी का पानी भी खतरे के निशान से ऊपर है. वहीं सीवान के दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है.

इन जिलों के निचले इलाकों पर नजर

गंगा के किनारे बसे पटना, भोजपुर, वैशाली, लखीसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. गंगा और कोसी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी तरह की असामान्य स्थिति सामने आने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी जाए.

अगले कुछ घंटे बेहद अहम

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और रविवार सुबह तक इसके और ऊपर जाने का अनुमान है. ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है. अगर बारिश और नेपाल से आने वाले पानी का दबाव इसी तरह बना रहा, तो बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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