हफ्ते भर से भी कम बचा है समय, ओडिशा में अभी भी 1.63 लाख किसानों का नहीं बिका धान, प्रदर्शन जारी

ओडिशा में खरीफ धान की खरीद में देरी के कारण 1.63 लाख किसान अभी भी उपज नहीं बेच पाए हैं. बलासोर में मंडी में गड़बड़ी और कटौती के विरोध में प्रदर्शन हुआ. जयपोर ब्लॉक के किसानों ने रबी पंजीकरण की अवधि बढ़ाने, पूर्वजों के प्रमाण पत्र और जीन सीड की अनिवार्यता हटाने की मांग की, ताकि कोई किसान लाभ से वंचित न रहे.

नोएडा | Updated On: 28 Mar, 2026 | 04:23 PM

Odisha News: ओडिशा में खरीफ धान की खरीद के पूरा होने में एक हफ्त से भी कम समय बचा है, लेकिन अभी भी कई किसान अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं. राज्य विधानसभा में लिखित जवाब में खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने कहा है कि लगभग 1.63 लाख किसान अब भी अपना धान बेचने के लिए प्रतीक्षारत हैं. इस सीजन में कुल 19.24 लाख पंजीकृत किसानों को धान खरीद के लिए टोकन जारी किए गए थे. इनमें से करीब 17.61 लाख किसानों ने अपनी फसल सफलतापूर्वक बेच दी है, जबकि कुछ किसान अभी भी कतार में हैं.

ऐसे में इस असामान्य देरी से चिंता बढ़ गई है कि क्या सभी किसान समय पर अपनी फसल बेच पाएंगे. ऐसे राज्य सरकार का इस साल 73 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य है. अब प्राथमिकता यही है कि बचे हुए किसानों की फसल जल्द से जल्द खरीदी जाए, ताकि कोई किसान छूट न जाए. यह मामला राज्य में कृषि खरीद प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करता है और किसानों के लिए समय पर मार्केट सपोर्ट मिलने को लेकर सवाल खड़े करता है.

धान की खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बलासोर जिले के नीलगिरी ब्लॉक में सैकड़ों किसानों ने धान की खरीद प्रक्रिया  में गड़बड़ी और मंडी में कटनी-छटनी जैसी गैरन्यायसंगत कटौतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन जमुना मंडी में हुआ, जहां किसानों का कहना था कि टोकन सिस्टम के अनुसार उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही है. गुस्साए किसान सड़क पर धान के बोरे रखकर शेरगढ़-उड़ाला जमुना चौक पर ट्रैफिक रोक दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास वैध टोकन होने के बावजूद खरीफ फसल समय पर नहीं खरीदी जा रही. एक किसान ने कहा कि पिछले 15 दिन से खरीद की तारीख बार-बार टाल दी गई है और अधिकारी हमारी फसल न उठाने के कारणों को सही से नहीं समझ रहे. मंडी में मनमाने कटौती भी की जा रही है.

किसानों ने उप-कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया

इसके अलावा कोरापुट जिले के जयपोर ब्लॉक में किसानों ने रबी धान खरीद प्रक्रिया में पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं  के समाधान के लिए उप-कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया. अंबगुड़ा, पुत्रा, मोजुरमुंडा, कुमुलीपुट, हड़िया पुजारी साहि, जमुड़ा, बड़ा पोड़ा और जयंतिगिरी के किसानों ने उप-कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और रबी फसल पंजीकरण की समयसीमा 15 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि 15 से 25 मार्च तक की वर्तमान पंजीकरण अवधि बहुत छोटी थी, जिसकी वजह से कई किसान इसकी जानकारी नहीं पा सके या समय पर LAMPS में फॉर्म जमा नहीं कर पाए.

क्या है किसानों का आरोप

किसानों ने यह भी कहा कि उनके पूर्वजों के मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत के बिना सीधे नाम पंजीकरण फॉर्म  में दर्ज किए जाएं, क्योंकि यह अनावश्यक बाधा पैदा कर रहा है. इसके अलावा उन्होंने ‘जीन सीड’ जमा करने की अनिवार्यता हटाने की मांग की, क्योंकि यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए असंभव और बोझिल है. किसानों ने जिला प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की अपील की ताकि कोई भी प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण लाभ से वंचित न रहें.

Published: 28 Mar, 2026 | 04:21 PM

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