दुर्गा पूजा से पहले जूट मिल कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, सरकार ने दिया सितंबर अंत तक भुगतान का निर्देश

Jute Workers Bonus: पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले जूट मिल कर्मचारियों को राहत दी है. श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने मिलों को सितंबर के अंत तक बोनस देने का निर्देश दिया. वेतन, नया उद्योग-स्तरीय समझौता और अन्य लंबित मुद्दों पर पूजा के बाद चर्चा होगी. सरकार ने जूट किसानों, मजदूरों और मिलों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की बात कही है.

नोएडा | Published: 10 Sep, 2026 | 08:23 AM

West Bengal Jute Mills: पश्चिम बंगाल में जूट मिल कर्मचारियों के लिए दुर्गा पूजा से पहले बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने सभी जूट मिलों को सितंबर के अंत तक कर्मचारियों का बोनस देने का निर्देश दिया है. सरकार ने साफ कहा है कि पहले से चली आ रही व्यवस्था और मौजूदा कानून के तहत कर्मचारियों को समय पर बोनस का भुगतान किया जाए. यह फैसला बुधवार को श्रम विभाग की ओर से बुलाई गई बैठक में लिया गया. बैठक में राज्य और केंद्रीय स्तर की 23 जूट ट्रेड यूनियनों, इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (IJMA), गैर-IJMA जूट मिलों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

दुर्गा पूजा से पहले बोनस देने का निर्देश

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है और इस दौरान कर्मचारियों के लिए बोनस काफी अहम होता है. श्रम मंत्री ने जूट मिल प्रबंधन से कहा कि कर्मचारियों को सितंबर के अंत तक बोनस का भुगतान कर दिया जाए. सरकार के मुताबिक, बोनस का भुगतान पहले से चली आ रही व्यवस्था के अनुसार और मौजूदा कानून के दायरे में किया जाना चाहिए. इससे त्योहार से पहले कर्मचारियों को आर्थिक मदद मिल सकेगी और वे समय पर अपनी जरूरतों की तैयारी कर सकेंगे.

मजदूरों के बाकी मुद्दों पर पूजा के बाद चर्चा

बैठक में मजदूर संगठनों ने वेतन समेत कई पुराने मुद्दे भी उठाए. मंत्री ने ट्रेड यूनियनों से अपील की कि वे जूट मिलों का काम सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद कर्मचारियों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की जाएगी. इनमें आने वाले वर्षों के बोनस, नया उद्योग-स्तरीय समझौता और लंबे समय से लंबित अन्य मांगें शामिल हैं. यानी फिलहाल बंगाल सरकार ने बोनस के मुद्दे पर राहत देने का फैसला किया है, जबकि वेतन और नए समझौते जैसे बड़े मुद्दों पर आगे बातचीत होगी.

केंद्र के साथ मिलकर जूट सेक्टर की समस्याएं सुलझाने की तैयारी

बैठक में जूट उद्योग को लेकर एक और अहम फैसला सामने आया. श्रम मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय पश्चिम बंगाल श्रम विभाग के अधिकारियों को जूट से जुड़े मामलों में शामिल करने पर सहमत हो गया है. इन मामलों में जूट कमिश्नर कार्यालय (JCO), जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (JCI), नेशनल जूट बोर्ड और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े काम शामिल हैं. सरकार का कहना है कि जूट सेक्टर से जुड़े फैसले अब पश्चिम बंगाल सरकार से सलाह-मशविरा करके लिए जाएंगे.

किसानों से लेकर मिलों तक सभी मुद्दों पर होगा फोकस

श्रम मंत्री ने कहा कि वह राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय जाएंगे. वहां जूट किसानों, मजदूरों, मिल मालिकों और ट्रेड यूनियनों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे. इसके अलावा सभी पक्षों के प्रतिनिधियों को शामिल करके एक छोटी कार्य समिति बनाने की भी बात कही गई है. यह समिति जूट उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेगी.

मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य राज्य की हर जूट मिल को पूरी क्षमता के साथ चलाना है. इसके लिए सरकार मजदूरों, किसानों, मिलों और ट्रेड यूनियनों से जुड़े मुद्दों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करेगी.

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