चीनी संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात को मंजूरी दी

Sugar Import: चीनी का मूल्य अब तक के सर्वाधिक उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है. ऐसे में सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कच्ची चीनी आयात को मंजूरी दे दी है. चीनी मिलों और रिफाइनरियां ब्राजील समेत कई देशों से कच्ची चीनी आयात करेंगी.

नोएडा | Updated On: 20 Aug, 2026 | 08:51 PM

देश में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर बनी चिंता के बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी दे दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी का स्टॉक बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है. इससे पहले चीनी विक्रेताओं पर स्टॉक लिमिट लागू की गई थी. बता दें कि चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई पर दबाव बना रखा है. चीनी का मूल्य अब तक के सर्वाधिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है.

10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी विदेश से मंगाएगा भारत

केंद्र सरकार के मुताबिक कच्ची चीनी आयात फैसले से चीनी मिलों और रिफाइनरियों को कच्चा माल उपलब्ध होगा. इसके साथ ही घरेलू बाजार में अतिरिक्त चीनी आने से आगामी त्योहारी सीजन में कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है. कच्ची चीनी का आयात टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था के तहत किया जाएगा और शुल्क मुक्त आयात की सीमा 10 लाख मीट्रिक टन रखी गई है. यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी.

रॉ शुगर से बनी रिफाइंड चीनी घरेलू बाजार में बेचना होगा

इस फैसले के तहत आयात की गई कच्ची चीनी से तैयार होने वाली रिफाइंड चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में ही बेचना जरूरी होगा. यानी आयात की गई चीनी को रिफाइन करके दोबारा विदेश भेजने की अनुमति नहीं होगी. सरकार ने यह शर्त इसलिए रखी है ताकि ड्यूटी फ्री आयात का सीधा फायदा घरेलू बाजार को मिले और देश में चीनी की उपलब्धता बढ़े.

सरकार ने कुछ ऐसी कंपनियों को भी एक बार का विकल्प दिया है, जिन्हें Advance Authorisation मिल चुका है. वे योजना के तहत वास्तव में आयात की गई कच्ची चीनी को Advance Authorisation से TRQ व्यवस्था में बदल सकती हैं. इसका असर आगे चलकर कच्ची चीनी के आयात की रफ्तार, उपलब्ध कोटे और घरेलू बाजार में रिफाइंड चीनी की आपूर्ति पर दिखाई दे सकता है.

कच्ची चीनी के आयात का लेटर जारी किया गया.

भारत के कच्ची चीनी आयात में ब्राजील की बड़ी हिस्सेदारी रही है. 2024 में भारत करीब 1.66 अरब डॉलर के आयात के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रॉ शुगर आयातक था, जिसमें ब्राजील से करीब 1.64 अरब डॉलर का आयात शामिल था. इस बार भी ब्राजील से कच्ची चीनी आयात सर्वाधिक रहने का अनुमान है.

अब तक के सबसे ऊंचे भाव पर पहुंची चीनी

2026-27 सीजन के लिए शुरुआती स्टॉक कम रहने की उम्मीद के कारण चीनी की एक्स मिल कीमतें 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं. एक साल पहले एक्स मिल कीमत 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी, जिससे पता चलता है कि इसमें साल-दर-साल भारी बढ़ोतरी हुई है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एक्स मिल दरों में बढ़ोतरी के साथ ही चीनी की औसत खुदरा कीमत भी 18 अगस्त को 13 फीसदी बढ़कर 52.3 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी.

Published: 20 Aug, 2026 | 08:30 PM

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