CNG गैस हुई महंगी, कीमतों में फिर से बढ़ोतरी.. पर नोएडा से बहुत कम दिल्ली में रेट
दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ने से वाहन चलाना महंगा हो गया है. IGL ने 48 घंटे में दूसरी बार बढ़ोतरी की है. पेट्रोल-डीजल भी हाल में महंगे हुए हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, पश्चिम एशिया संकट और आपूर्ति बाधाओं की वजह से ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है.
CNG Price Hike: आज से गाड़ी चलना महंगा हो गया. अब ईंधर के ऊपर ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज यानी 17 मई से दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम में फिर से 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है. खास बात यह है कि IGL ने पिछले 48 घंटे में दूसरी बार कीमत बढ़ाई है. अब दिल्ली में CNG का दाम 80.09 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह 88.70 रुपये प्रति किलो हो गया है.
इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है. यह नई दर 17 मई 2026 की सुबह 6 बजे से सभी क्षेत्रों में लागू हो गई है. कंपनी ने बताया कि गैस की लागत में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने (USD के महंगा होने) की वजह से कीमतों में यह बदलाव करना पड़ा है. हालांकि, IGL के अनुसार बढ़ोतरी के बाद भी CNG अभी भी पेट्रोल और डीजल जैसे वैकल्पिक ईंधनों की तुलना में लगभग 45 फीसदी तक सस्ती है, जिससे वाहन चलाने का खर्च कम रहता है.IGL ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा की है.
अब तक 3 रुपये बढ़ी कीमत
दो दिन पहले, 15 मई को CNG के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद कुल मिलाकर CNG की कीमतों में 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है. 15 मई को सिर्फ CNG ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल के दाम भी 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे. यह पिछले चार साल में पहली बार था जब इतनी बढ़ोतरी की गई. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की वजह से ईंधन महंगा हुआ है. इसी कारण दाम बढ़ाने पड़े.
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इस वजह से महंगी हुई गैस
28 फरवरी को पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू हुआ. इसके बाद तनाव बढ़ने से दुनिया के लिए अहम समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हो गया, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है. इस वजह से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई और तेल की कीमतें बढ़ने लगीं. इसका असर दुनिया भर के ईंधन बाजारों पर पड़ा है और पेट्रोल-डीजल महंगे होने का दबाव बढ़ गया है.
दूसरे देशों में 100 फीसदी तक बढ़ गए रेट
पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम 15 मई को बढ़ने के बाद किरेन रिजिजू ने X (ट्विटर) पर लिखा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं. उन्होंने कहा कि कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम 20 फीसदी से लेकर लगभग 100 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि भारत में यह बढ़ोतरी बहुत कम रही है. भारत में पेट्रोल की कीमत सिर्फ 3.2 फीसदी और डीजल की कीमत 3.4 फीसजी ही बढ़ी है. उन्होंने आगे कहा कि जब ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया, तब भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने कई हफ्तों तक भारी नुकसान उठाया ताकि आम लोगों पर महंगाई का बोझ न पड़े और आर्थिक दबाव कम रहे. उन्होंने इसे जिम्मेदार और संतुलित शासन का उदाहरण बताया.