अंडा किसानों को बड़ा झटका! 6 रुपये पर पहुंची खरीद कीमत, बढ़ी पोल्ट्री कारोबारियों की चिंता
देशभर में मांग घटने से तमिलनाडु के नामक्कल में अंडों की खरीद कीमत घटकर 6 रुपये प्रति अंडा रह गई है. धार्मिक आयोजनों, सावन और दूसरे राज्यों में कम कीमतों का असर बाजार पर पड़ा है. पोल्ट्री कारोबारियों का अनुमान है कि अगले कुछ महीनों तक कीमतें स्थिर रह सकती हैं या इनमें और गिरावट आ सकती है.
देशभर में अंडों की मांग कमजोर पड़ने से तमिलनाडु के नामक्कल में अंडों की खरीद कीमत घटकर 6 रुपये प्रति अंडा रह गई है. कुछ दिन पहले तक कीमत 7 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी. नामक्कल को देश का ‘एग टाउन’ कहा जाता है. यहां 1,600 से अधिक पोल्ट्री फार्म हैं, जहां रोजाना 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है. यहां से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी की जरूरत पूरी की जाती है. साथ ही स्कूलों की मिड-डे मील योजना और कुछ देशों को भी अंडों की आपूर्ति की जाती है.
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC-नामक्कल जोन) मांग और आपूर्ति के आधार पर रोजाना खरीद कीमत तय करती है. 17 जून को अंडे की खरीद कीमत पहली बार 6.45 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी. इसके बाद कीमत बढ़कर 16 जुलाई को 6.80 रुपये प्रति अंडा हो गई और 24 जुलाई तक इसी स्तर पर बनी रही. हालांकि, इसके बाद मांग कमजोर होने से कीमतों में गिरावट शुरू हुई और 30 जुलाई को यह 6 रुपये प्रति अंडा पर आ गई, जो 31 जुलाई को भी बरकरार रही.
आने वाले दिनों में घट सकती है अंडे की मांग
एनईसीसी (NECC) नामक्कल जोन के कोषाध्यक्ष सुंदर राजन ने अंग्रेजी अखबार द हिन्दू से कहा कि तमिल महीने आड़ी (Aadi) में दक्षिण तमिलनाडु के मंदिरों में शुरू होने वाले धार्मिक आयोजनों के बाद अंडों की मांग कम हो जाती है. वहीं, 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले सावन के दौरान उत्तर भारत में भी अंडों की खपत घट जाती है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में अंडों की खरीद कीमत कम होने का असर नामक्कल के बाजार पर भी पड़ा है. अगर नामक्कल में कीमतें नहीं घटाई जातीं, तो आंध्र प्रदेश के सस्ते अंडे तमिलनाडु के बाजार में ज्यादा आने लगेंगे.
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सुंदर राजन के अनुसार, अगले करीब तीन महीने तक अंडों की खरीद कीमतें स्थिर रह सकती हैं या इनमें और गिरावट आ सकती है. सावन के बाद तमिलनाडु में पुरट्टासी महीना शुरू हो जाएगा, जिसमें भी अंडों की मांग कम रहती है. उन्होंने कहा कि दीपावली के आसपास मांग बढ़ने के साथ अंडों के दाम फिर से बढ़ने की उम्मीद है.
जुलाई में क्या थी अंडे की कीमत
वहीं, बीते जुलाई महीने में खबर सामने आई थी कि नामक्कल में अंडों की थोक कीमत इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना था कि पशु आहार (फीड) और परिवहन लागत बढ़ने, उत्पादन घटने और घरेलू मांग बढ़ने की वजह से अंडे महंगे हो रहे हैं. उद्योग प्रतिनिधियों का कहना था कि अगर अगले कुछ हफ्तों में उत्पादन नहीं बढ़ा, तो थोक में ही अंडे की कीमत 7 रुपये प्रति अंडा के पार जा सकती है. ऐसे में खुदरा बाजार में अंडा 8 रुपये से अधिक में बिक सकता है.