अंडा हुआ और महंगा! नामक्कल में थोक भाव रिकॉर्ड स्तर पर, जल्द 8 रुपये पार कर सकता है रेट

तमिलनाडु के नामक्कल में अंडों की थोक कीमत 6.70 रुपये प्रति अंडा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. उत्पादन में कमी, फीड और परिवहन लागत बढ़ने तथा घरेलू मांग मजबूत रहने से कीमतों में तेजी आई है. उद्योग का अनुमान है कि जल्द ही थोक भाव 7 रुपये और खुदरा कीमत 8 रुपये प्रति अंडा पार कर सकती है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 14 Jul, 2026 | 06:15 PM

Egg Price Hike: तमिलनाडु के नामक्कल में अंडों की थोक कीमत इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पशु आहार (फीड) और परिवहन लागत बढ़ने, उत्पादन घटने और घरेलू मांग बढ़ने की वजह से अंडे महंगे हो रहे हैं. उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों में उत्पादन नहीं बढ़ा, तो थोक में ही अंडे की कीमत 7 रुपये प्रति अंडा के पार जा सकती है. ऐसे में खुदरा बाजार में अंडा 8 रुपये से अधिक में बिक सकता है.

अंडों की दैनिक थोक कीमत तय करने वाली नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) ने 14 जुलाई से नामक्कल क्षेत्र के लिए अंडे का थोक भाव 6.70 रुपये प्रति अंडा तय किया है. यह इस साल अब तक का सबसे अधिक भाव है. लाइवस्टॉक एंड एग्री फार्मर्स ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.वी. सेंथिल ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि फीड की बढ़ती कीमत, गर्मी के कारण उत्पादन में आई कमी और परिवहन खर्च बढ़ने से अंडों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

रोज करीब 6 करोड़ अंडों का उत्पादन

पी.वी. सेंथिल ने कहा कि नामक्कल में सामान्य दिनों में रोज करीब 6 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, लेकिन फिलहाल यह घटकर करीब 5 करोड़ अंडे प्रतिदिन रह गया है. कई पोल्ट्री फार्मों में उत्पादन कम होने से बाजार में अंडों की आपूर्ति  भी घट गई है. उन्होंने कहा कि वायरल संक्रमण की वजह से कई पोल्ट्री फार्मों को बड़ी संख्या में मुर्गियों को हटाना (कुलिंग) पड़ा. इससे अंडों का उत्पादन प्रभावित हुआ है. सेंथिल के मुताबिक, उत्पादन को सामान्य स्तर पर लौटने में करीब दो महीने लग सकते हैं, क्योंकि नई मुर्गियों को अंडे देना शुरू करने में समय लगता है.

रोज 75 लाख से 1 करोड़ अंडों का निर्यात

पी.वी. सेंथिल ने कहा कि पहले नामक्कल से रोज 75 लाख से 1 करोड़ अंडों का निर्यात होता था, लेकिन अब यह घटकर करीब 10 लाख अंडे प्रतिदिन रह गया है. इसके बावजूद उत्पादन में कमी और घरेलू बाजार में मजबूत मांग के कारण अंडों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि नामक्कल में अंडों की कीमतें देश के अन्य बड़े पोल्ट्री बाजारों के रुझान से भी प्रभावित होती हैं. अगर देशभर में कीमतें बढ़ती रहीं, तो स्थानीय बाजार में भी अंडे महंगे बने रह सकते हैं.

मक्का की कीमत में बढ़ोतरी

वहीं, पोल्ट्री किसान सुंदरराजन ने कहा कि अंडों की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पशु आहार (फीड) का महंगा होना है. उनके मुताबिक, सोयाबीन का भाव 35 रुपये से बढ़कर 68 रुपये प्रति किलो और मक्का 20 रुपये से बढ़कर 28 रुपये प्रति किलो हो गया है. एक मुर्गी रोज करीब 100 से 115 ग्राम चारा खाती है. ऐसे में 1 लाख मुर्गियों वाले पोल्ट्री फार्म को हर दिन 10 टन से ज्यादा फीड की जरूरत पड़ती है, जिससे उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है.

किसी बड़े बीमारी के प्रकोप की जानकारी नहीं

वहीं, नामक्कल के पशुपालन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फिलहाल जिले में पोल्ट्री फार्मों में किसी बड़े बीमारी के प्रकोप की जानकारी नहीं मिली है. उनके मुताबिक, गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रेस (अधिक तापमान) की वजह से अंडों का उत्पादन आमतौर पर कम हो जाता है. इस साल जुलाई में भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, इसलिए उत्पादन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है.

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Published: 14 Jul, 2026 | 06:12 PM

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