अचानक महंगा हुआ अंडा, 10 रुपये पीस रेट.. इस वजह से कीमतों में हुई बढ़ोतरी

बेंगलुरु में अंडों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. आपूर्ति में कमी और मॉनसून के दौरान बढ़ी मांग के कारण खुदरा बाजार में अंडे 8.5 से 10 रुपये प्रति पीस तक बिक रहे हैं. पोल्ट्री उद्योग के अनुसार, भीषण गर्मी से उत्पादन प्रभावित हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो महीनों में उत्पादन बढ़ने पर कीमतों में राहत मिल सकती है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Jul, 2026 | 04:34 PM

Egg Price Hike: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में अंडों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों की रोजाना की प्रोटीन खुराक महंगी हो गई है. आपूर्ति में कमी के कारण पिछले कुछ हफ्तों में थोक और खुदरा दोनों बाजारों में अंडों के दाम बढ़े हैं. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के अनुसार, जून में 100 अंडों की एक ट्रे की कीमत 671.7 रुपये थी, जो जुलाई में बढ़कर 710 रुपये हो गई है. खास बात यह है कि मई में यही कीमत 598.5 रुपये प्रति ट्रे थी. वहीं, खुदरा मार्केट में 10 रुपये पीस अंडा  बिक रहा है

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल बेंगलुरु के खुदरा बाजार में एक अंडा 8.5 से 10 रुपये तक बिक रहा है, जबकि थोक बाजार में इसकी कीमत 7.1 से 7.5 रुपये प्रति अंडा है. कीमत बढ़ने के बावजूद उपभोक्ता अंडे खरीदना जारी रखे हुए हैं. कई लोगों का कहना है कि अंडा उनकी प्रोटीन जरूरत का अहम हिस्सा है, इसलिए वे इसकी खपत कम नहीं करना चाहते. खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए अंडा एक आसान और पौष्टिक नाश्ता माना जाता है.

इस वजह से अंडा आपूर्ति में आई कमी

व्यापारियों और पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अंडों की आपूर्ति  में कमी मौसमी कारणों से हुई है, जिसके चलते कीमतों में यह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. कारोबारियों का कहना है कि अंडों की उपलब्धता कम हो गई है, इसलिए कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं. वहीं, बारिश के मौसम में अंडों की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है. होसा रोड के एक थोक विक्रेता ने कहा कि उन्हें अनेकल स्थित दो पोल्ट्री फार्मों से अंडों की आपूर्ति मिलती है. पहले जहां रोजाना 2 लाख अंडे मिलते थे, अब यह घटकर 1.5 लाख रह गई है. इसी वजह से उन्हें अंडे 7.5 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचने पड़ रहे हैं.

रोज 65 से 70 लाख अंडों की खपत होती है

बेंगलुरु में हर दिन करीब 65 से 70 लाख अंडों की खपत  होती है, जिसमें बड़ी मात्रा तमिलनाडु के नमक्कल से आती है. कर्नाटक में रोजाना 2.5 से 3 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है. बेंगलुरु ग्रामीण, कोलार, चिक्कबल्लापुर, मैसूरु, बेलगावी और शिवमोग्गा जैसे जिले इसके प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं. इसके बावजूद राज्य को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए रोजाना 30 से 40 लाख अंडे दूसरे राज्यों, खासकर तमिलनाडु से मंगाने पड़ते हैं. आपूर्ति में कमी आने से फिलहाल बाजार में अंडों की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

अंडा उत्पादन के लिए 25 डिग्री तापमान बेहतर

पोल्ट्री उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अंडों का उत्पादन  मौसम पर काफी निर्भर करता है. लंबे समय तक पड़ने वाली तेज गर्मी के कारण मुर्गियों की अंडे देने की क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन में कमी आई है. विशेषज्ञों के अनुसार, अंडा उत्पादन के लिए 25 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है. हालांकि कर्नाटक में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहा है, लेकिन तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख अंडा उत्पादक राज्यों में भीषण गर्मी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है. इसका असर अंडों की आपूर्ति और कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, कर्नाटक में 300 से अधिक पोल्ट्री फार्म हैं, लेकिन बाहरी राज्यों में उत्पादन घटने से बाजार पर दबाव बढ़ गया है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि मौजूदा मौसम की स्थिति के कारण चिकन की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है.

 

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Published: 7 Jul, 2026 | 04:32 PM

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