BRICS Women Meeting Kochi: महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भारत एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. भारत अपनी ब्रिक्स चेयरशिप 2026 के तहत 8 और 9 जुलाई को केरल के कोच्चि में ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक (BRICS Women Ministerial Meeting) की मेजबानी करेगा. इस बैठक में ब्रिक्स देशों के महिला मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और समावेशी एवं टिकाऊ विकास की दिशा में मिलकर काम करना है.
क्या है इस बैठक का मकसद?
भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता के लिए चार प्रमुख विषय तय किए हैं:
- लचीलापन (Resilience)
- नवाचार (Innovation)
- सहयोग (Cooperation)
- सतत विकास (Sustainability)
इन्हीं चार मुख्य बातों को आधार बनाकर ब्रिक्स महिला पहल तैयार की गई है. इसका उद्देश्य सदस्य देशों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें नेतृत्व के ज्यादा अवसर देना है. बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, कारोबार, डिजिटल सुविधाओं और आर्थिक सेवाओं से ज्यादा से ज्यादा कैसे जोड़ा जाए, ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें.
Under @BRICSIndia2026, the stage is set for the BRICS Women Ministerial Meeting in Kochi, where dialogue inspires action, partnerships foster progress, and shared commitment shapes a more inclusive future for women.
📍 Kochi, India
🗓️ 8–9 July 2026#BRICSIndia2026@MEAIndia pic.twitter.com/IjvxY1foCt— Ministry of WCD (@MinistryWCD) July 4, 2026
पहले अधिकारियों ने की तैयारी
मंत्रियों की बैठक से पहले 6 और 7 जुलाई को ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक हुई. इसमें सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने महिलाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और कई सुझाव तैयार किए. अब मंत्रियों की बैठक में इन सुझावों पर विचार किया जाएगा और आगे की योजना बनाई जाएगी, ताकि महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए चल रहे प्रयासों को और बेहतर बनाया जा सके.
इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
दो दिवसीय बैठक में महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- महिलाओं का नेतृत्व और निर्णय लेने में भागीदारी बढ़ाना.
- महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना.
- डिजिटल और वित्तीय सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच आसान बनाना.
- महिला उद्यमिता (Women Entrepreneurship) को बढ़ावा देना.
- जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और पोषण जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना.
इन विषयों पर सदस्य देश अपने-अपने अनुभव साझा करेंगे और बेहतर नीतियों पर चर्चा करेंगे.
भारत दिखाएगा महिलाओं की उपलब्धियां
बैठक के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें महिलाओं के नेतृत्व में हुए भारत के विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा. इस प्रदर्शनी में ग्रामीण विकास, विज्ञान और तकनीक, पोषण, शिक्षा और महिला उद्यमिता से जुड़े सफल मॉडल प्रस्तुत किए जाएंगे. इसका उद्देश्य दूसरे देशों के साथ भारत के अनुभव साझा करना और उनसे सीखना भी है.
विशेषज्ञ भी करेंगे चर्चा
मंत्रिस्तरीय बैठक के साथ कई पैनल चर्चा और पूर्ण सत्र (Plenary Sessions) भी आयोजित किए जाएंगे. इनमें नीति निर्माता, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर शामिल होंगे. इन चर्चाओं के जरिए सदस्य देश महिलाओं के सशक्तिकरण के सफल मॉडल साझा करेंगे.
भारत के लिए क्यों है खास?
भारत लंबे समय से महिला सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देता रहा है. ऐसे में BRICS मंच पर इन पहलों को दुनिया के सामने रखने का यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ने से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी. साथ ही, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी.