Agriculture Market: बिहार में किसानों को बेहतर बाजार, भंडारण और बिक्री की सुविधा देने के लिए कृषि बाजारों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है. राज्य सरकार कृषि बाजार प्रांगणों को आधुनिक कृषि व्यापार केंद्र के रूप में तैयार कर रही है. इसके तहत राज्य के 22 बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और विकास का काम करीब 1288.66 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. इनमें से आठ बाजार प्रांगणों का काम पूरा हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है. सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और कृषि व्यापार व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
22 बाजार प्रांगणों में होंगे आधुनिक बदलाव
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बाजार प्रांगणों के विकास से किसानों को कई तरह की सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी. इन बाजारों में वैज्ञानिक तरीके से फसलों के भंडारण, आधुनिक विपणन व्यवस्था, प्रसंस्करण और परिवहन जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है. पुराने बाजार परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और सही समय पर बेहतर कीमत पर बेच पाएंगे. इससे फसल खराब होने की समस्या कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
नाबार्ड की मदद से भी बढ़ाया जा रहा विकास कार्य
राज्य के 12 बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण और विकास के लिए नाबार्ड की सहायता से योजनाएं चलाई जा रही हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन बाजारों के विकास के लिए करीब 46.03 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा नौ अन्य बाजार प्रांगणों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए भी वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 59.23 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इन योजनाओं के माध्यम से बाजारों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा.
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किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और रोजगार के अवसर
आधुनिक कृषि बाजार बनने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा. अभी कई किसान भंडारण और सही बाजार व्यवस्था की कमी के कारण अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को मजबूर होते हैं. नई व्यवस्था से उन्हें इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि कृषि बाजारों के विकास से केवल किसानों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. प्रसंस्करण इकाइयों, परिवहन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. कृषि बाजारों के आधुनिकीकरण की यह पहल बिहार में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. बेहतर सुविधाओं के साथ किसान अपनी उपज का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे और कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी.