अंडे भी होते हैं वेज और नॉनवेज, जानें दोनों में क्या है अंतर और कैसे होता है इनका उत्पादन?

पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख ने किसान इंडिया से कहा कि बाजार में मिलने वाले ज्यादातर अंडे अनफर्टिलाइज्ड होते हैं, जो बिना मुर्गे के संपर्क के बनते हैं और उनसे चूजे नहीं निकलते, इसलिए कुछ लोग उन्हें वेज मानते हैं. जबकि फर्टिलाइज्ड अंडे नॉनवेज होते हैं और उनका उपयोग मुख्य रूप से चूजे पैदा करने के लिए किया जाता है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 25 Mar, 2026 | 02:28 PM

Egg production: अधिकांश लोगों को लगता है कि अंडा नॉवेज है. यानी यह मांसाहारी भोजन हुआ. लेकिन पॉलट्री उद्योग का कहना है कि अंडे वेज और नॉनवेज दोनों कटेगरी के होते हैं. दोनों का उत्पादन का तरीका भी अलग-अलग है. पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख का कहना है कि मार्केट में बिकने वाले सफेद रंग के अंडे वेज होते हैं. इस अंडे के अंदर किसी तरह का जीव नहीं होता है. इन अंडों की हैचिंग नहीं की जा सकती है. इसका मतलब यह हुआ है मार्केट में बिकने वाले सफेद अंडे से चूजे नहीं निकलेंगे. तो आइए आज जानते हैं वेज और नॉनवेज अंडों में क्या अंतर होता है और इनका उत्पादन कैसे होता है.

पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि मार्केट में बिकने वाले अंडे अनफर्टिलाइज्ड तरीके से उत्पादित किए जाते हैं. क्योंकि इन अंडों का उत्पादन  मुर्गे के संपर्क के बिना ही मुर्गियों से पैदा किए जाते हैं. इसलिए ये अंडे शाकाहारी यानी वेज कटेगरी में आते हैं. उन्होंने कहा कि मुर्गे के संपर्क के बिना पैदा होने वाले अंडे में भ्रूण नहीं होता है. इसलिए इससे चूजे पैदा नहीं होते हैं. उनके मुताबिक, पॉलट्री उद्योग में सबसे अधिक वेज अंडे का ही उत्पादन होता है. जबकि, नॉनवेज अंडों का उत्पादन मार्केट में बेचने के लिए नहीं, बल्कि मुर्गी पालन के लिए किया जाता है.

मुर्गियों को क्या खिलाया जाता है

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वेज अंडे देने वाली मुर्गियों को आहार भी केवल वनस्पति-आधारित होता है. उन्हें सोयाबीन, मक्का, अनाज दिया जाता है. विदेशों की तरह वेज अंडा देने वाली मुर्गियों को मछली या मांस  नहीं खिलाया जाता है. खास बात यह है कि वेज अंडे में भी सामान्य अंडों की तरह ही पोषक तत्व पाए जाते हैं. ऐसे पोल्ट्री फार्म में मुर्गियां बिना मुर्गे के संपर्क में आए ही हर 1-1.5 दिन में अंडे देती हैं.

नॉनवेज अंडे का कैसे होता है उत्पादन

एफएम शेख ने कहा कि नॉनवेज अंडे का उत्पादन मुर्गी और मुर्गे के मिलन से होता है. ये अंडे ‘फर्टिलाइज्ड’ होते हैं, जिनमें आगे चलकर चूजा विकसित हो सकता है, इसलिए इन्हें मांसाहारी श्रेणी में रखा जाता है. उन्होंने कहा कि नॉनवेज यानी मांसाहारी अंडों का उत्पादन ज्यादातर पोल्ट्री फार्मों  में किया जाता है, जहां मुर्गियों को मुर्गे के साथ खास तरीके से रखा जाता है. उन्हें संतुलित आहार, नियंत्रित माहौल और कृत्रिम रोशनी दी जाती है, ताकि वे ज्यादा अंडे दे सकें. उन्होंने कहा कि ऐसे गांव में बिकने वाले देसी अंडे भी नॉलवेज कटेगरी में आते हैं, क्योंकि उनके अंदर भ्रूण होता है. अगर उसकी हैचिंग की जाए, तो चूजे जन्म ले सकते हैं.

वेज और नॉनवेज अंडे से जुड़ी मुख्य बातें

नॉनवेज अंडे की उत्पादन प्रक्रिया: जब मुर्गी मुर्गे के संपर्क में आती है, तो वह फर्टिलाइज्ड अंडे देती है, जिनमें जीवन बनने की शुरुआत हो सकती है.
पहचान: ऐसे अंडों को फर्टिलाइज्ड एग कहा जाता है, जिनसे आगे चलकर चूजा निकल सकता है.
धार्मिक नजरिया: कई लोग और मान्यताएं इन्हें जीव का बीज मानकर नॉनवेज (मांसाहारी) मानते हैं.
वेज अंडे की उत्पादन प्रक्रिया: इस प्रक्रिया के तहत फार्म में सिर्फ मुर्गियां रखी जाती हैं, ताकि बिना फर्टिलाइजेशन के अंडे मिलें. इन्हें कुछ लोग वेज मान लेते हैं.

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Published: 25 Mar, 2026 | 02:24 PM
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