किसानों को राहत, सरकार ने बढ़ाया प्याज का MSP.. अब 1580 रुपये क्विंटल होगी खरीदी

केंद्र सरकार ने प्याज की खरीद कीमत 1,235 रुपये से बढ़ाकर 1,580 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है. हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि यह दर उत्पादन लागत के मुकाबले अभी भी कम है. लासलगांव एपीएमसी में आवक घटने से प्याज का थोक भाव बढ़कर 1,350 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया.

नोएडा | Updated On: 26 May, 2026 | 01:17 PM

Onion Market Rate: प्याज किसानों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में 345 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी. अब किसानों से प्याज 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की बजाय 1,580 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जाएगा. नई दर मंगलवार से लागू हो गई है. सरकार की ओर से यह खरीद मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत की जा रही है. इसके लिए केंद्र की एजेंसियां नेफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) किसानों से प्याज खरीदकर बफर स्टॉक तैयार कर रही हैं.

गौरतलब है कि पहले तय की गई 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर को लेकर किसानों और विपक्षी नेताओं ने नाराजगी जताई थी. उनका कहना था कि यह कीमत प्याज की उत्पादन लागत से भी कम है. लगातार आलोचना के बाद सरकार ने खरीद मूल्य बढ़ाने  का फैसला लिया है. 15 मई को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के सतारा में एक कार्यक्रम के दौरान प्याज की सरकारी खरीद कीमत 1,235 रुपये प्रति क्विंटल घोषित की थी. इसके बाद किसानों और विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध किया और कहा कि यह कीमत प्याज की उत्पादन लागत से भी कम है. बढ़ते विरोध के बीच केंद्र सरकार ने फैसला बदलते हुए सोमवार को खरीद दर में संशोधन कर दिया. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आदेश जारी कर प्याज की खरीद कीमत बढ़ाकर 1,580 रुपये प्रति क्विंटल कर दी.

प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय  ने सोमवार को आदेश जारी कर प्याज की सरकारी खरीद कीमत में संशोधन किया. वहीं, लासलगांव एपीएमसी में प्याज की आवक कम होने के कारण सोमवार को थोक भाव 100 रुपये बढ़कर 1,350 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. इससे पहले, डीजल की कमी के चलते प्याज की ढुलाई के लिए ट्रक नहीं मिलने की समस्या का हवाला देते हुए लासलगांव एपीएमसी के व्यापारियों ने 25 मई को प्याज की नीलामी का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा नियमित ईंधन आपूर्ति का भरोसा दिए जाने के बाद व्यापारियों ने सोमवार को नीलामी में हिस्सा लिया.

8,000 क्विंटल प्याज की नीलामी

हालांकि, सोमवार को लासलगांव एपीएमसी में प्याज की आवक कम रही, क्योंकि अधिकांश किसानों को यह जानकारी नहीं थी कि प्याज की नीलामी फिर से शुरू हो गई है. कम आवक के चलते यहां प्याज का औसत थोक भाव बढ़कर 1,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. सोमवार को बाजार में करीब 8,000 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई.

किसान नेताओं की क्या है मांग

वहीं, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने केंद्र सरकार द्वारा प्याज की खरीद कीमत  1,235 रुपये से बढ़ाकर 1,580 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने के फैसले का विरोध किया है. संघ का कहना है कि यह दर अभी भी किसानों की उत्पादन लागत निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है. संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार प्याज की खरीद 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करे. साथ ही, पिछले कुछ महीनों में कम कीमत पर प्याज बेचने वाले किसानों को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि भी दी जाए.

Published: 26 May, 2026 | 01:12 PM

Topics: