इस मामले में रेवाड़ी जिला ने मारी बाजी, अभी तक 35677 किसानों का मिला फार्मर ID
रेवाड़ी जिले के गांवों में किसानों को जागरूक करने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार अभियान चला रहे हैं और किसान आईडी की जरूरत के बारे में जानकारी दे रहे हैं. 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए फील्ड टीमें भी तैनात की गई हैं.
Haryana News: हरियाणा में किसान आईडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है. रेवाड़ी जिले ने एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत किसान आईडी बनाने में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है. अब तक जिले में 35,677 किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं. उपायुक्त अभिषेक मीणा के निर्देश पर जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है, ताकि सभी किसानों को किसान आईडी मिल सके और वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें.
फिलहाल जिले में पीएम किसान निधि योजना के तहत 58,767 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 35,677 किसानों को किसान आईडी जारी की जा चुकी है. सोमवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एग्री स्टैक पंजीकरण में रेवाड़ी जिला राज्य में पहले स्थान पर है. सरकार के निर्देशों के अनुसार, कृषि विभाग ने किसान आईडी बनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है.
किसान इस तरह उठा सकते हैं योजनाओं का लाभ
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के गांवों में किसानों को जागरूक करने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार अभियान चला रहे हैं और किसान आईडी की जरूरत के बारे में जानकारी दे रहे हैं. 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए फील्ड टीमें भी तैनात की गई हैं. उपायुक्त अभिषेक मीणा ने कहा कि एग्री स्टैक किसान आईडी किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसके जरिए वे सरकारी कृषि योजनाओं, सब्सिडी, बीमा और ऋण का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से ले सकते हैं.
जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवाएं
वहीं, जिन किसानों के पास यह आईडी नहीं होगी, वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि एग्री स्टैक योजना के तहत किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी है. जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवाएं और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं.
यूनिक किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू
बता दें कि हरियाणा में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर किसानों के लिए यूनिक किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की है. यह काम केंद्र सरकार की एग्री स्टैक योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका मकसद खेती को डिजिटल बनाना और किसानों को बेहतर सेवाएं देना है. एग्री स्टैक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो कृषि से जुड़े सभी हितधारकों को जोड़ता है और डेटा के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाता है. इसके लिए राज्य के सभी डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एग्रीकल्चर को किसानों को आईडी बनवाने और इसके दीर्घकालिक फायदों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं.