कर्नाटक के आमों को मिला ग्लोबल बाजार, पहली हवाई खेप मालदीव रवाना.. किसानों को फायदा

कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आम पहली बार हवाई मार्ग से मालदीव भेजे गए हैं. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 30 जुलाई को इस पहली खेप को रवाना किया. इससे कर्नाटक के देर से तैयार होने वाले आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिला है और किसानों के लिए निर्यात के नए अवसर भी खुले हैं.

नोएडा | Updated On: 31 Jul, 2026 | 03:32 PM

Mango Export: कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आम पहली बार हवाई मार्ग से मालदीव भेजे गए हैं. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 30 जुलाई को इस पहली खेप को रवाना किया. इससे कर्नाटक के देर से तैयार होने वाले आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिला है और किसानों के लिए निर्यात के नए अवसर भी खुले हैं.

खेप को APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने निर्यातक, किसान उत्पादक कंपनी (FPC), किसानों और इस प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से भारतीय आमों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार  मिलेंगे, देर से आने वाली किस्मों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. मालदीव भेजी गई इस पहली खेप में एक मीट्रिक टन नीलम और तोतापुरी आम शामिल थे. ये आम कर्नाटक के कोलार जिले के केजीएफ तालुक स्थित प्रकृतिमाया फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी (FPC) से जुड़े किसानों से सीधे खरीदे गए थे.

अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी

इस खेप का निर्यात अहल्या देवी वेंचर्स की निदेशक और नई महिला निर्यातक अश्विनी ए ने किया. इससे कृषि उत्पादों के निर्यात में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी भी सामने आई है. नीलम आम अपने मीठे स्वाद, रसीले गूदे और खुशबू के लिए जाना जाता है. इसका इस्तेमाल मिठाइयों, स्मूदी और पेय पदार्थों में भी किया जाता है. वहीं, तोतापुरी आम अपने अलग आकार, खट्टे-मीठे स्वाद और ताजा खाने के साथ-साथ प्रोसेसिंग के लिए भी लोकप्रिय है. ये दोनों किस्में जून के आखिर से जुलाई के अंत तक तैयार होती हैं. ऐसे में इनके निर्यात से भारत के आम निर्यात सीजन को लंबा करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी.

सामान्य मंडी की तुलना में 50 फीसदी से अधिक कीमत

APEDA के मुताबिक, कर्नाटक से मालदीव भेजी गई आम की यह हवाई खेप राज्य के बागवानी क्षेत्र की बढ़ती निर्यात क्षमता को दिखाती है. साथ ही यह भी साबित करती है कि किसान उत्पादक कंपनियां (FPC) किसानों को संगठित तरीके से वैश्विक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं. इस निर्यात के जरिए FPC से जुड़े किसानों को सामान्य मंडी की तुलना में 50 फीसदी से अधिक कीमत मिली. अधिकारियों का कहना है कि किसानों से सीधे खरीद, निर्यात बाजार से जुड़ाव और संगठित आपूर्ति व्यवस्था से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है. यह पहल कर्नाटक के आम निर्यात के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है. इससे भविष्य में किसान उत्पादक संगठन (FPO), FPC, निर्यातक और कृषि उद्यमियों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है.

Published: 31 Jul, 2026 | 03:31 PM

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