नासिक में प्याज खरीद प्रभावित, NAFED ने 12 समितियों के आईडी किए ब्लॉक.. क्यों हुई कार्रवाई
एशिया की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल लासलगांव एपीएमसी में प्याज के दाम में मामूली गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को प्याज का औसत भाव 1,560 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि एक दिन पहले यह 1,651 रुपये प्रति क्विंटल था.
Onion Procurment: महाराष्ट्र के नासिक जिले में प्याज खरीद व्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है. राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) ने आवश्यक बैंक गारंटी जमा नहीं करने पर 18 में से 12 सहकारी समितियों के खरीद आईडी ब्लॉक कर दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद अब केवल 6 समितियां ही किसानों से प्याज खरीदने के लिए पात्र रह गई हैं. इससे लासलगांव समेत प्रमुख कृषि उपज मंडियों (APMC) में प्याज खरीद प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार की मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) योजना के तहत खरीद कार्य में शामिल प्रत्येक समिति के लिए 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करना अनिवार्य है. इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना है. अधिकारियों ने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान संबंधित समितियों को कई बार बैंक गारंटी जमा कराने के लिए याद दिलाया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा तक अनुपालन नहीं होने पर नाफेड ने सख्त कदम उठाते हुए उनके खरीद आईडी ब्लॉक कर दिए. इस फैसले से नासिक क्षेत्र में प्याज खरीद की गति धीमी पड़ सकती है, जिससे किसानों की उपज की बिक्री पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
12 समितियों के खरीद आईडी ब्लॉक
अधिकारियों के अनुसार, जिन सहकारी समितियों के खरीद आईडी ब्लॉक किए गए हैं, वे अब नाफेड की प्याज खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगी. एक अधिकारी ने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी. यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब नाफेड ने पिछले महीने नासिक जिले में प्याज खरीद संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से आवेदन मांगे थे. हालांकि, पात्रता संबंधी शर्तों को पूरा करने में हुई देरी के कारण खरीद प्रक्रिया की शुरुआत प्रभावित हुई है. जिसका असर प्रमुख कृषि उपज मंडी लासलगांव में भी देखने को मिला. अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को लासलगांव एपीएमसी में नाफेड की ओर से प्याज खरीद के लिए कोई नीलामी आयोजित नहीं की गई.
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नाफेड 1 लाख टन प्याज खरीदेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही शेष समितियां जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करती हैं, तो जिले में प्याज खरीद की रफ्तार और प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. केंद्र सरकार ने इस वर्ष 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है. इसमें 1 लाख टन प्याज खरीद की जिम्मेदारी नाफेड और 1 लाख टन की जिम्मेदारी एनसीसीएफ को दी गई है.
1,580 रुपये क्विंटल प्याज खरीदी
हालांकि, बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. नाफेड किसानों से 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीद रहा है, जबकि खुले बाजार में प्याज के दाम 1,600 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं. ऐसे में किसान नाफेड को बेचने के बजाय खुले बाजार में अपनी उपज बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं. एपीएमसी अधिकारियों के अनुसार, खुले बाजार में किसानों को बेहतर कीमत मिलती है और वहां गुणवत्ता संबंधी नियम भी अपेक्षाकृत कम सख्त होते हैं. वहीं नाफेड की खरीद में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है. यदि प्याज निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसे अस्वीकार कर दिया जाता है और किसानों को उसे दोबारा बाजार में बेचना पड़ता है.
लासलगांव एपीएमसी में प्याज का ताजा रेट
इस बीच, एशिया की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल लासलगांव एपीएमसी में प्याज के दाम में मामूली गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को प्याज का औसत भाव 1,560 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि एक दिन पहले यह 1,651 रुपये प्रति क्विंटल था. मंडी में प्याज के न्यूनतम दाम 700 रुपये और अधिकतम दाम 2,085 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए. दिनभर में कुल 18,636 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई. विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में आवक बढ़ने और सरकारी खरीद की धीमी रफ्तार के कारण कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है. हालांकि, अच्छे गुणवत्ता वाले प्याज को अभी भी ऊंचे दाम मिल रहे हैं.