Mandi Bhav: लासलगांव APMC में 25 फीसदी सस्ता हुआ प्याज, गिरकर 1100 रुपये क्विंटल पहुंचा रेट

इस समय बाजार में जो प्याज आ रहा है, वह लेट खरीफ फसल का है. पिछले साल लगातार बारिश के कारण इसकी बुआई एक महीने से ज्यादा देर से हुई थी. गर्मी के प्याज के मुकाबले लेट खरीफ प्याज ज्यादा समय तक नहीं टिकता और एक महीने से पहले ही खराब होने लगता है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Feb, 2026 | 12:00 PM

Onion Prices Fall: महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें बढ़ने के बजाए और गिर रही हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. नासिक जिले के लासलगांव एपीएमसी में पिछले 8 से 10 दिनों में थोक प्याज की औसत कीमतों में करीब 25 फीसदी की गिरावट आई है. एक हफ्ते पहले जहां दाम लगभग 1,500 रुपये प्रति क्विंटल थे, वहीं अब ये घटकर करीब 1,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं. एपीएमसी अधिकारियों के मुताबिक बाजार में ताजा प्याज की आवक तेजी से बढ़ी है. पहले जहां रोजाना करीब 15,000 क्विंटल प्याज आ रहा था, अब यह बढ़कर 25,000 से 30,000 क्विंटल हो गया है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय बाजार में जो प्याज आ रहा है, वह लेट खरीफ फसल का है. पिछले साल लगातार बारिश के कारण इसकी बुआई एक महीने से ज्यादा देर से हुई थी. गर्मी के प्याज के मुकाबले लेट खरीफ प्याज ज्यादा समय तक नहीं टिकता और एक महीने से पहले ही खराब होने लगता है. ऐसे में किसान इन्हें ज्यादा समय तक रोक नहीं सकते और मजबूरी में बाजार भाव  पर ही बेचते हैं. कारोबारियों के मुताबिक, इसी वजह से बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और थोक दाम गिर गए हैं. गुरुवार को लासलगांव एपीएमसी में प्याज का औसत थोक भाव 1,100 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि कीमतें 500 से 1,356 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गईं. इस दिन कुल 26,392 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई.

500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी की मांग

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि एक क्विंटल प्याज की उत्पादन लागत करीब 1,800 रुपये आती है. उन्होंने कहा कि जब बाजार भाव इससे नीचे चला जाता है, तो किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. मौजूदा समय में प्याज के दाम  उत्पादन लागत से काफी कम हैं, इसलिए संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि पिछले कुछ महीनों में घाटे में प्याज बेचने वाले किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल की अनुदान सहायता दी जाए.

राजस्थान में सब्जियों के रेट

वहीं, राजस्थान की बात करें तो जयपुर की मुहाना मंडी की आलू-प्याज के रेट में गिरावट आई है. थोक मंडी में नया और पुराना आलू 3 से 8 रुपये प्रति किलो के बीच बिकता रहा, वहीं प्याज के भाव 8 से 16 रुपये प्रति किलो दर्ज किए गए. कुल मिलाकर मुहाना थोक मंडी  में 4 फरवरी को सब्जियों की कीमतें नीचे बनी रहीं. वहीं, हाइब्रिड टमाटर 14 से 15 रुपये प्रति किलो और देसी टमाटर 5 से 8 रुपये प्रति किलो बिके. मटर के दाम 16 से 20 रुपये रहे. मिर्ची 38 से 45 रुपये, जबकि बारीक मिर्च 65 से 70 रुपये प्रति किलो के बीच रही. फूल गोभी 8 से 10 रुपये और पत्ता गोभी 7 से 8 रुपये प्रति किलो बिकती दिखी. वहीं करेला 48 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर रहा.

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Published: 7 Feb, 2026 | 11:55 AM

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