UP में मत्स्य पालन को बढ़ावा, तालाब निर्माण पर मिल रहा 52,500 रुपये तक का अनुदान, जानें कैसे करें आवेदन

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए तालाब निर्माण और मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत छोटे मानक तालाब बनाने पर करीब 1.05 लाख रुपये की लागत आती है, जिस पर किसानों को 52,500 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है. यह राशि अलग-अलग चरणों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है. यह योजना जल संरक्षण, बेहतर सिंचाई और मत्स्य पालन के जरिए किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने में मदद करती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 29 Apr, 2026 | 03:28 PM

Pond Subsidy UP: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है. इसी दिशा में तालाब निर्माण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत किसानों को 52,500 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त आय का सोर्स उपलब्ध कराना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है. साल 2026-27 के लिए कानपुर नगर को 14 तालाबों का लक्ष्य मिला है. इसमें सामान्य वर्ग के लिए 10 और अनुसूचित जाति के लिए 4 तालाबों का कोटा तय किया गया है.

कितना और कैसे मिलता है अनुदान?

एक छोटे मानक तालाब (22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और 3 मीटर गहरा) को बनाने में करीब 1.05 लाख रुपये का खर्च आता है. सरकार की इस योजना के तहत किसानों को कुल मिलाकर 52,500 रुपये तक का आर्थिक अनुदान मिलता है. यह राशि अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाती है, जिससे किसानों को तालाब निर्माण और मत्स्य पालन शुरू करने में मदद मिलती है.

इसमें शामिल हैं:

  • तालाब खुदाई और निर्माण के लिए शुरुआती सहायता
  • पानी भरने और मत्स्य पालन शुरू करने पर अतिरिक्त अनुदान
  • कुल मिलाकर 52,500 रुपये तक की सहायता राशि

यह पूरी राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है.

आवेदन प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था

किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाता है. प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए:

  • लगभग 15 दिनों में जांच पूरी की जाती है
  • 30 दिनों के भीतर अनुदान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है
  • जरूरत पड़ने पर विभागीय टीम मौके पर निरीक्षण करती है

इसके साथ ही किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9140672262 भी जारी किया गया है, जिससे वे सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा आवेदन के लिए एक छोटा टोकन शुल्क भी लिया जा सकता है.

आवेदन की प्रक्रिया कैसे पूरी करें?

किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाती है. इसके बाद लगभग 15 दिनों में निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होती है और 30 दिनों के भीतर सहायता राशि जारी की जाती है. किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9140672262 भी जारी किया गया है, जहां से वे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

इंतजाम और अतिरिक्त लाभ

सरकार केवल तालाब बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उस पानी के सही इस्तेमाल के लिए भी भारी छूट दे रही है. तालाब के साथ सिंचाई के लिए ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम (टपक सिंचाई) लगाना जरूरी है, जिस पर सरकार 80 से 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दे रही है. इतना ही नहीं, पानी निकालने के लिए पंपसेट खरीदने पर भी 50 प्रतिशत (अधिकतम 15 हजार रुपये) की मदद दी जाएगी.

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है. तालाब बनने से बारिश का पानी इकट्ठा होता है, जिसका उपयोग मछली पालन और सिंचाई दोनों में किया जा सकता है. इससे किसानों की फसल उत्पादन क्षमता भी बेहतर होती है.

किसानों की आय में बढ़ोतरी

मत्स्य पालन से किसानों को सालभर अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है. कम जमीन में भी वे बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. यही कारण है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है.उत्तर प्रदेश की यह योजना किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है. तालाब निर्माण और मछली पालन के जरिए किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि जल संरक्षण और टिकाऊ खेती की दिशी में भी योगदान दे सकते है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

केंद्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी कितने रुपये तय किया है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
पुंगनूर नस्ल
विजेताओं के नाम
सुभाष चंद्र गुप्ता- किसनपुर, अमेठी, उत्तर प्रदेश

लेटेस्ट न्यूज़