आम के रेट में अचानक उछाल, 6000 रुपये क्विंटल हुआ भाव.. कीमतों में और बढ़ोतरी की है उम्मीद

विजयवाड़ा के नुन्ना आम मार्केट में इस सीजन आम की कीमतें मजबूत हैं और मांग तेजी से बढ़ी है. रोज करीब 200 टन आवक के साथ देशभर में सप्लाई हो रही है. बेहतर दाम और स्थिर बाजार से किसानों व व्यापारियों को पिछले नुकसान के बाद राहत मिली है.

नोएडा | Updated On: 18 Apr, 2026 | 12:37 PM

Mango Price Hike: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में इस बार आम का बेहतर रेट है. बंगिनापल्ली आम 60,000 रुपये प्रति टन पहुंच गया है. यानी 6000 रुपये क्विंटल बिक रहा है. इससे किसानों के साथ-साथ व्यापारियों की अच्छी कमाई हो रही है. खासकर नुन्ना आम मार्केट में आम की मांग बढ़ गई है. इस मार्केट में रोज करीब 200 टन आम आ रहे हैं, जबकि यहां से महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में सप्लाई हो रही है. अब तक इस मार्केट से लगभग 3,000 टन आम बाहर भेजे जा चुके हैं.

अभी नुन्ना आम मार्केट में बंगिनापल्ली, तोतापुरी और चेरुकु रसालू जैसी किस्में ज्यादा आ रही हैं और अच्छे दाम भी मिल रहे हैं. बंगिनापल्ली आम की कीमत क्वालिटी  के हिसाब से करीब 25,000 से 60,000 रुपये प्रति टन है, जबकि तोतापुरी 10,000 से 25,000 रुपये प्रति टन के बीच बिक रहा है. चेरुकु रसालू आम, जो अपनी मिठास और ज्यादा मांग के लिए जाना जाता है, इस समय 25,000 से 50,000 रुपये प्रति टन के बीच बिक रहा है. व्यापारियों का कहना है कि इस बार दाम काफी हद तक स्थिर हैं, जिससे पिछले साल हुए नुकसान के बाद थोड़ी राहत मिली है.

पहले 1,500 टन तक होती थी आवक

फिलहाल बाजार में करीब 21 दुकानें ही चल रही हैं, जबकि पिछले साल लगभग 40 दुकानें सक्रिय थीं. जानकारों के मुताबिक, यह कमी व्यापार के बदलते तरीकों और खरीदारी के नए पैटर्न की वजह से आई है. पहले के समय में नुन्ना आम बाजार  में बहुत ज्यादा आम की आवक होती थी. करीब 10-15 साल पहले सीजन के पीक समय में यहां रोज 1,000 से 1,500 टन तक आम पहुंचते थे. लेकिन धीरे-धीरे यह मात्रा कम होती गई है.

इस गिरावट की एक बड़ी वजह आम की खेती वाले क्षेत्र का कम होना है. कई बागों को अब पाम ऑयल की खेती में बदल दिया गया है. फसलों के इस बदलाव का सीधा असर आम की पैदावार और बाजार में आने वाली मात्रा पर पड़ा है. एक और वजह यह है कि अब कई व्यापारी सीधे बागों में जाकर किसानों से आम खरीद रहे हैं, जिससे पारंपरिक नुन्ना बाजार को बीच में छोड़ दिया जा रहा है. इस सीधे खरीद के तरीके का असर बाजार की पहले जैसी रौनक पर पड़ा है.

नुन्ना बाजार बना आम का केंद्र

फिर भी, इन बदलावों के बावजूद नुन्ना आम बाजार आज भी एक अहम व्यापारिक केंद्र बना हुआ है. यहां आंध्र प्रदेश और दूसरे राज्यों से हजारों किसान और व्यापारी आते हैं. सीजन के दौरान यह बाजार आज भी दाम तय करने और बड़ी मात्रा में व्यापार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. नुन्ना मैंगो ग्रोअर्स एसोसिएशन के महासचिव आई. श्रीनिवास रेड्डी ने ‘ द न्यू  इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि इस साल आम के दाम अच्छे मिल रहे हैं. पिछले सीजन में बेमौसम बारिश के कारण किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. लेकिन पिछले दो हफ्तों में बाजार ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले हफ्तों में आम की आवक अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद है.

आम की आवक अप्रैल के आखिरी हफ्ते से शुरू

उन्होंने यह भी कहा कि चेरुकु रसालू आम की आवक अप्रैल के आखिरी हफ्ते से शुरू हो सकती है, जिससे बाजार में और तेजी आएगी. करीब 45 दिन तक चलने वाले इस सीजन में, अगर मौसम और मांग सही रही, तो किसानों और व्यापारियों को बेहतर मुनाफे की उम्मीद है.

Published: 18 Apr, 2026 | 12:13 PM

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