प्याज के भाव धड़ाम होने से किसानों पर आफत, प्याज का दाम 800 रुपये क्विंटल और लागत 1800 रुपये
Onions Mandi Rate: महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक और बीज विक्रेता आलिम शेख ने किसान इंडिया को बताया कि हाईब्रिड किस्मों के बाद अब देसी प्याज की कटाई भी तेज हो गई है. ऐसे में मंडियों में अचानक प्याज की आवक बढ़ी है, जिसके चलते व्यापारी मजबूरी का फायदा उठाकर लागत से 50 फीसदी से भी कम भाव दे रहे हैं. औरंगाबाद की जादव मंडी और लासल टेसन प्याज मंडी में प्याज लेकर किसान पहुंच रहे हैं.
प्याज की गिरती कीमतों ने महाराष्ट्र के किसानों की नींद उड़ा दी है. प्याज का भाव आधे रेट से भी हम होने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और मंडियों में पहुंचे प्याज के खराब मौसम में बर्बाद होने का खतरा भी बढ़ गया है. महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक और बीज विक्रेता आलिम शेख ने किसान इंडिया को बताया कि देसी प्याज की कटाई तेजी से चालू है. जबकि, हाइब्रिड किस्मों के प्याज की कटाई कुछ वक्त पहले पूरी हुई है. ऐसे में मंडियों में अचानक प्याज की आवक बढ़ी है, जिसका फायदा व्यापारी उठाकर कीमत आधी लगा रहे हैं. महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्याज किसानों को राहत देने और ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) लागू करने की मांग की है.
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि प्याज की कीमतों में आई भारी गिरावट को रोकने के लिए तुरंत ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) लागू की जाए. संघ का दावा है कि इस गिरावट ने किसानों को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है. संघ की ओर से राज्य सरकार को भेजी गई चिट्ठी में संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि प्याज की कीमतों में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.
क्यों की जा रही बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने की मांग
भरत दिघोले ने कहा कि प्याज किसानों को राहत देने के लिए तत्काल ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) को लागू किया जाए. क्योंकि प्याज जैसे अन्य जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पाद मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme) में नहीं आते हैं. जबकि, बाजार हस्तक्षेप योजना लागू होने से किसानों को कृषि और बागवानी उत्पादों की खरीद के लिए लाभकारी मूल्य मिलना पक्का हो जाएगा. उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्याज किसानों को राहत देने के लिए वह तेजी से कार्रवाई करे.
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प्याज के भाव 800 रुपये मिल रहे पर उगाने में 1800 लग रहे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भेजी गई चिट्ठी में भरत दिघोले ने कहा है कि पूरे महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक, कृषि उपज विपणन समितियों (APMCs) में कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण भारी नुकसान उठा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि किसानों को इस समय प्याज के लिए प्रति क्विंटल केवल 300 से 800 रुपये मिल रहे हैं, जो कि उत्पादन लागत (जिसका अनुमान 1,500 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल है) के आधे से भी कम हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा कीमतें तो कटाई और परिवहन की लागत को पूरा करने के लिए भी काफी नहीं हैं.
मंडियों में प्याज की आवक बढ़ने से व्यापारी नहीं दे रहे भाव
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के प्याज उत्पादक और बीज विक्रेता आलिम शेख ने किसान इंडिया को बताया कि किसान के खेत में देसी प्याज की कटाई इस समय चालू है. जबकि, हाइब्रिड किस्मों के प्याज की कटाई कुछ वक्त पहले पूरी हुई है. ऐसे में मंडियों में अचानक प्याज की आवक बढ़ी है, जिसके चलते किसानों को प्याज का भाव सही नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में जादव मंडी और लासल टेसन प्याज मंडी में किसान बड़ी संख्या में प्याज लेकर पहुंच रहे हैं. लेकिन उन्हें भाव नहीं मिलने से मायूसी हो रही है.
3 सप्ताह पहले कुछ किसानों को 4000 रुपये भाव भी मिला पर अब रेट गिरे
आलिम शेख ने बताया कि कुछ हिस्सों में प्याज किसानों को 4000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव भी मिला है. लेकिन, अब भाव तेजी से नीचे गिरा है. उन्होंने कहा कि प्याज किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें नुकसान से बचाने के लिए सही भाव मिलना जरूरी है और इसके लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए. प्याज किसानों को उनकी आवक के वक्त मंडियों में व्यापारियों की ओर से कम भाव लगाया जा रहा है. इसकी चिंता उन्हें परेशान कर रही है.
प्याज बीज का भाव बढ़ने की उम्मीद
प्याज बीज उत्पादक और विक्रेता आलिम शेख ने बताया कि उनके यहां से देशभर से प्याज के बीज खरीदार पहुंचते हैं. अब तो फोन और व्हाट्सएप के जरिए भी लोग दूसरे शहरों में प्याज बीज का ऑर्डर दे देते हैं. उन्होंने बताया कि प्याज के बीज का इस सीजन का नया रेट अभी नहीं खुला है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस बार 1200 से 1500 रुपये प्रति किलो प्याज बीज का भाव मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि पिछले साल 1000 रुपये और 1200 रुपये प्रति किलो प्याज बीज का भाव मिला था.