बंगाल में लागत से कम आलू का मार्केट भाव, कई जगहों में 3 रुपये किलो रेट.. किसान परेशान
पश्चिम बंगाल के सिंगूर में बंपर आलू उत्पादन से कीमतें 8 रुपये प्रति किलो से भी नीचे गिर गई हैं. कोल्ड स्टोरेज भरने और बाहर सप्लाई रुकने से आलू सड़ रहा है. किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि लागत और बिक्री दाम में बड़ा अंतर बन गया है.
Potato Price Fall: पश्चिम बंगाल के सिंगूर में इस साल आलू की बंपर फसल होने से कीमतें गिर गई हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान भी हो रहा है. खेतों और बाजारों में ढेरों आलू खुले में पड़े हैं, जिनमें कई सड़ने लगे हैं. इसलिए किसान अपना स्टॉक फेंकने को मजबूर हो रहे हैं. ऐसे में किसानों को नुकसान हो रहा है. किसानों का कहना है कि ज्यादा उत्पादन होने के बावजूद कम दाम मिल रहे हैं. एक बीघा आलू की खेती पर करीब 20,000 रुपये खर्च आता है, लेकिन किसानों को सिर्फ 16,000 से 18,000 रुपये ही मिल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में आलू भेजने में दिक्कत आने से भी कीमतों पर असर पड़ रहा है. वहीं, कई जगहों पर आलू 3 से 5 रुपये किलो रुपये किलो बिक रहा है.
किसानों के अनुसार आलू का बहुत ज्यादा स्टॉक हो गया है. इसे पूरी तरह खाली करने में डेढ़ साल तक लग सकता है. दूसरे राज्यों में भेजे जाने वाले आलू को बॉर्डर पर रोके जाने से सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे कीमतें गिर रही हैं और भारी नुकसान हो रहा है. इस साल करीब 1.4 करोड़ टन आलू का उत्पादन हुआ है, जिससे भंडारण व्यवस्था पर बहुत दबाव पड़ गया है. कोल्ड स्टोरेज पूरी तरह भर चुके हैं और अब जगह नहीं बची है. किसान जोहर दत्ता ने ‘इंडिया टुडे’ को बताया कि उत्पादन बहुत ज्यादा है और दूसरे राज्यों में भी आलू का उत्पादन होने से बंगाल के आलू की मांग कम हो गई है. उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज फुल होने के कारण आलू बाहर खुले में पड़ा है और सड़ रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.
8 रुपये किलो बिक रहा आलू
एक दूसरे किसान ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है और कई लोग भारी नुकसान झेल रहे हैं. राज्य में ज्यादा उत्पादन होने की वजह से आलू के दाम काफी गिर गए हैं. उन्होंने कहा कि आलू अब 8 रुपये प्रति किलो की लागत से भी कम दाम पर बिक रहा है. कई जगह 3 से 5 रुपये किलो आलू बहुत कम कीमत में बेचा जा रहा है. स्टोरेज की कमी और ज्यादा स्टॉक होने के कारण कुछ आलू फेंकने तक की नौबत आ रही है.
पश्चिम बंगाल के सिंगूर में इस साल आलू की बंपर फसल होने से कीमतें गिर गई हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है. खेतों और बाजारों में ढेरों आलू खुले में पड़े हैं, जिनमें कई सड़ने लगे हैं, इसलिए किसान अपना स्टॉक फेंकने को मजबूर हो रहे हैं.
अमित शाह ने किया है वादा
वहीं, बीते दिनों पश्चिम बंगाल के पुरसुराह इलाके में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि राज्य के आलू किसान उपज का सही भाव नहीं मिलने से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि ये जमीन आलू की राजधानी है. मगर ममता दीदी की जिद के कारण आलू का दाम किसानों को नहीं मिलता. 22 रुपये का आलू 2 रुपये में बिकता है. उन्होंने कहा कि भाजपा यहां के आलू को बिहार, ओडिशा और झारखंड भेजकर इसका दाम बढ़ाएगी. उन्होंने आलू बीज केंद्र स्थापित करने का भी वादा किया है.