खरीफ फसल से पहले की ये 3 गलतियां तो होगा भारी नुकसान! जुताई का सही तरीका जानकर ही खेत में उतरें

Kharif Crop Preparation Tips: खरीफ फसल की अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत की सही तैयारी बहुत जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में गहरी जुताई करने, सही दिशा में जुताई करने और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, कीट व रोगों पर नियंत्रण मिलता है और बारिश का पानी भी बेहतर तरीके से जमीन में समा पाता है, जिससे फसल स्वस्थ और अधिक उत्पादन देने वाली बनती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 19 Apr, 2026 | 07:29 AM

Kharif Crop Preparation: रबी फसलों की कटाई के बाद अब किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं. यह समय बेहद अहम होता है, क्योंकि खेत की सही तैयारी ही आने वाली फसल की गुणवत्ता और पैदावार तय करती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, जुताई के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं. इसलिए सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है.

फसल कटाई के बाद क्यों जरूरी है गहरी जुताई?

कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, फसल कटने के बाद सबसे पहला काम खेत की सफाई और गहरी जुताई करना होना चाहिए. गर्मियों में करीब 15 सेंटीमीटर गहराई तक जुताई करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इस काम के लिए ट्रैक्टर से चलने वाले तवेदार हल या मोल्ड बोर्ड हल का उपयोग करना चाहिए. इससे मिट्टी पलटती है और अंदर छिपे हानिकारक तत्व बाहर आ जाते हैं. साथ ही, पुरानी फसल के अवशेष मिट्टी में मिलकर उसे और उपजाऊ बनाते हैं.

कीट और बीमारियों से ऐसे पाएं छुटकारा

गर्मी के मौसम में जुताई करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे खेत में छिपे कीट और रोगाणु खत्म हो जाते हैं. कई कीट जैसे टिड्डी अपने अंडे मिट्टी के अंदर देते हैं, जो बारिश के बाद सक्रिय हो जाते हैं. लेकिन जब गहरी जुताई की जाती है, तो ये अंडे ऊपर आ जाते हैं और तेज धूप या पक्षियों द्वारा नष्ट हो जाते हैं. इसी तरह, मिट्टी में मौजूद हानिकारक फफूंद (कवक) भी गर्मी के कारण खत्म हो जाती है, जिससे नई फसल को स्वस्थ वातावरण मिलता है.

हर 5 साल में करें ‘चीजल फ्लो’ जुताई

विशेषज्ञों की सलाह है कि किसानों को हर 5 साल में कम से कम एक बार ‘चीजल फ्लो’ जुताई जरूर करनी चाहिए. इस तकनीक से जमीन की गहराई तक हवा और पानी पहुंचता है, जिससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और जड़ों का विकास भी अच्छा होता है. यह लंबे समय में पैदावार बढ़ाने में मदद करता है.

मिट्टी का कटाव रोकने का आसान तरीका

जुताई करते समय खेत की ढलान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

  • अगर खेत का ढलान पूर्व से पश्चिम है, तो जुताई उत्तर से दक्षिण दिशा में करें
  • ढलान के विपरीत दिशा में जुताई करने से बारिश का पानी खेत में रुकता है
  • इससे मिट्टी का कटाव कम होता है और नमी बनी रहती है

साथ ही, तवेदार हल के इस्तेमाल से फसल के डंठल छोटे टुकड़ों में कटकर धीरे-धीरे खाद में बदल जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं.

बेहतर पैदावार का यही है राज

सही तरीके से की गई जुताई न केवल कीटों और बीमारियों को नियंत्रित करती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधारती है. इससे मानसून का पानी खेत में बेहतर तरीके से संचित होता है और फसल को पर्याप्त पोषण मिलता है.

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