कटाई के बाद खेत खाली छोड़ना भारी गलती! ये 2 फसलें दिला सकती हैं 80 हजार तक कमाई

Moong Farming: गेहूं-सरसों की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ना आपकी कमाई घटा सकता है. अगर इस समय मूंग और मक्का जैसी फसलें लगाई जाएं, तो कम लागत में 30 से 80 हजार तक की अतिरिक्त आय आसानी से हो सकती है. इस खबर में आगे जानिए कैसे ये स्मार्ट खेती आपके मुनाफे को दोगुना कर सकती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 28 Mar, 2026 | 03:22 PM

Moong-Maize Farming: रबी फसलों की कटाई का समय चल रहा है और देश के कई हिस्सों में किसान गेहूं और सरसों की फसल काट चुके हैं. आमतौर पर इस समय किसान अपने खेतों को कुछ दिनों के लिए खाली छोड़ देते हैं, लेकिन कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह सबसे बड़ी गलती हो सकती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, यही समय अतिरिक्त फसल लेकर कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका होता है. अगर किसान इस समय सही फसल का चुनाव करें, तो न सिर्फ उनकी आय बढ़ेगी बल्कि खेत की उर्वरता भी बनी रहेगी.

दलहन फसलें: मिट्टी और मुनाफा के लिए फायदेमंद

कटाई के बाद दलहन फसलों की खेती करना बेहद लाभदायक माना जाता है. खासकर मूंग जैसी फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे जमीन ज्यादा उपजाऊ बनती है. फसल चक्र अपनाने से न केवल अगली फसल की गुणवत्ता सुधरती है, बल्कि किसानों की आय भी स्थिर रहती है. यही वजह है कि कृषि विशेषज्ञ लगातार दलहन फसलों को अपनाने की सलाह देते हैं.

कम समय में तैयार होने वाली फसलें

गेहूं और सरसों की कटाई के बाद किसान मूंग और मक्का जैसी फसलों की बुवाई कर सकते हैं. मूंग की फसल 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जबकि मक्का 70 से 80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाता है. मक्का का उपयोग चारे और भुट्टे दोनों रूप में किया जा सकता है, जिससे किसानों को दोहरा फायदा मिलता है. मूंग की खेती की खास बात यह है कि इसमें लागत बहुत कम आती है. इस फसल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती और 2-3 सिंचाई में ही यह अच्छी तरह तैयार हो जाती है. बीज की मात्रा भी सीमित होती है और इसे कतारों में बोने से उत्पादन बेहतर होता है. इसी तरह मक्का की खेती में भी सीमित संसाधनों के साथ अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है.

कमाई का पूरा गणित

अगर मूंग की खेती सही तरीके से की जाए, तो एक एकड़ में 5 से 8 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. बाजार में इसके दाम 6,000 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक होते हैं, जिससे किसान 30,000 से 50,000 रुपये तक कमा सकते हैं. वहीं मक्का की खेती से किसान 70,000 से 80,000 रुपये तक की आय प्राप्त कर सकते हैं, खासकर अगर सही समय पर सिंचाई और देखभाल की जाए.

क्यों खाली न छोड़ें खेत?

कटाई के बाद खेत खाली छोड़ने से जमीन की उत्पादकता घट सकती है. इसकी जगह अगर किसान बीच के समय में मूंग या मक्का जैसी फसलें उगाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त आय के साथ-साथ मिट्टी की सेहत का भी फायदा मिलता है. यह तरीका खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाता है. गेहूं और सरसों की कटाई के बाद का समय किसानों के लिए एक बड़ा अवसर होता है. अगर इस समय को सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो कम लागत में अतिरिक्त फसल लेकर अच्छी कमाई की जा सकती है.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को सफेद सोना कहा जाता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
गेहूं को फसलों का राजा कहा जाता है.
विजेताओं के नाम
नसीम अंसारी, देवघर, झारखंड.
रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

लेटेस्ट न्यूज़