Rice Export Price: चावल निर्यात भाव 10 महीने के शिखर पर.. 31 हजार रुपये टन के पार पहुंचा रेट

कमजोर मानसून और धान की सीमित उपलब्धता के कारण भारतीय चावल के निर्यात भाव 10 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं. 5 फीसदी टूटा हुआ उसना चावल 31 हजार रुपये प्रति टन के पार पहुंच गया है. वहीं, थाईलैंड और बांग्लादेश में भी कीमतों में तेजी देखी गई, जबकि वियतनाम में नई फसल की आवक से भाव घटे हैं.

नोएडा | Updated On: 24 Jul, 2026 | 10:19 AM

कमजोर मॉनसून और बाजार में धान की सीमित उपलब्धता का असर चावल के निर्यात भाव पर दिखने लगा है. भारतीय चावल के निर्यात भाव इस सप्ताह करीब 10 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं. भारत का 5 फीसदी टूटा हुआ उसना चावल 356 से 361 डॉलर यानी करीब 30,972 से 31,407 रुपये प्रति टन के भाव पर बिक रहा है, जबकि पिछले सप्ताह इसकी कीमत 30,624 से 31,059 रुपये प्रति टन थी. वहीं, 5 फीसदी टूटा हुआ सफेद चावल 30,885 से 31,320 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है.

कोलकाता के एक निर्यातक के मुताबिक, बाजार में धान की आवक कम होने से इसकी कीमत बढ़ गई है. इससे निर्यातकों की खरीद लागत बढ़ी है. इसलिए उन्होंने चावल के निर्यात भाव भी बढ़ा दिए हैं. उधर, थाईलैंड का 5 फीसदी टूटा हुआ चावल  करीब 39,150 से 40,020 रुपये प्रति टन के भाव पर बिक रहा है, जो पिछले सप्ताह के 38,715 से 39,150 रुपये प्रति टन की तुलना में थोड़ा अधिक है.

चावल के लिए अभी नहीं आ रहे हैं बड़े ऑर्डर

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल केवल नियमित खरीदार ही चावल खरीद रहे हैं. बड़े ऑर्डर अभी नहीं आ रहे हैं, जबकि छोटे और कभी-कभार खरीद करने वाले ग्राहक भी कम खरीदारी कर रहे हैं. नई फसल की पैदावार को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है. एक अन्य व्यापारी ने कहा कि फिलहाल मांग सुस्त है. अगले महीने नई फसल और धान की उपलब्धता की स्थिति साफ होने के बाद ही बाजार की दिशा तय होगी.

28,610 हेक्टेयर क्षेत्र की धान की फसल और नर्सरी प्रभावित

वहीं, बांग्लादेश में भी पिछले एक सप्ताह के दौरान चावल, खासकर बेहतरीन गुणवत्ता (फाइन) वाले चावल, की कीमतें बढ़ी हैं. इसकी वजह धान की बढ़ती कीमतें और हाल की बाढ़ से फसलों को हुआ नुकसान है. व्यापारियों के मुताबिक, हाल की बाढ़ से 12 जिलों में करीब 28,610 हेक्टेयर क्षेत्र की धान की फसल और नर्सरी प्रभावित हुई है. इससे चावल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.

बांग्लादेश में भारी बारिश से धान की फसल चौपट

इससे पहले भी प्री-मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और ऊपरी इलाकों से आए पानी की वजह से बांग्लादेश के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में गर्मी के मौसम की धान की फसल को नुकसान हुआ था. अनुमान है कि इससे देश में 2 लाख टन से अधिक चावल उत्पादन की कमी हो सकती है. वहीं, वियतनाम में 5 फीसदी  टूटा हुआ चावल गुरुवार को 37,410 रुपये प्रति टन के भाव पर बिक रहा था. पिछले सप्ताह इसकी कीमत 38,715 से 39,150 रुपये प्रति टन थी. नई फसल की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है.

वियतनाम ने 2.74 लाख टन चावल का निर्यात किया

हो ची मिन्ह सिटी के एक व्यापारी ने कहा कि समर-ऑटम (गर्मी-बरसात) सीजन की फसल की कटाई तेजी से चल रही है और अब तक करीब एक-तिहाई फसल की कटाई हो चुकी है. इससे बाजार में चावल की आपूर्ति बढ़ रही है. वहीं, कारोबारियों के अनुसार फिलीपींस ने वियतनाम से आने वाले चावल के आयात पर स्वास्थ्य और पौध संगरोध (Sanitary and Phytosanitary) मंजूरी की निगरानी और सख्त कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के पहले पखवाड़े में वियतनाम ने 2.74 लाख टन चावल का निर्यात किया. इसके साथ ही 15 जुलाई तक इस साल का कुल चावल निर्यात 53 लाख टन तक पहुंच गया है.

Published: 24 Jul, 2026 | 10:19 AM

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