मानकों में छूट मिलते ही गेहूं खरीद में आई तेजी, किसानों को मिलेगा 3772 करोड़.. भुगतान को मंजूरी

अभी हर दिन 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की आवक हो रही है, जो खरीद सीजन की तेज रफ्तार को दिखाता है. लेकिन उठान की प्रक्रिया बहुत धीमी है. अब तक सिर्फ 4.07 लाख टन गेहूं ही गोदामों तक पहुंचाया गया है, जो कुल खरीदी का लगभग 12 फीसदी है. यानी करीब 88 फीसदी गेहूं अभी भी मंडियों में जमा है.

नोएडा | Updated On: 21 Apr, 2026 | 01:41 PM

Punjab News: मानकों में छूट मिलने के बाद पंजाब में गेहूं की खरीद तेजी से बढ़ी है. हालांकि, इसके बावजूद बड़ी मात्रा में खरीदा गया गेहूं मंडियों में पड़ा हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 38.72 लाख टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 34.16 लाख टन की खरीद हो चुकी है. यह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है. पिछले साल इसी अवधि में लगभग 21 लाख टन गेहूं ही खरीदा गया था. वहीं, अब तक लगभग 1,818.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 3,772.04 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई है, जिनमें से ज्यादातर राशि 48 घंटे के भीतर किसानों को दी जा रही है.

अभी हर दिन 10 लाख टन से ज्यादा गेहूं की आवक हो रही है, जो खरीद सीजन की तेज रफ्तार को दिखाता है. लेकिन उठान की प्रक्रिया बहुत धीमी है. अब तक सिर्फ 4.07 लाख टन गेहूं ही गोदामों  तक पहुंचाया गया है, जो कुल खरीदी का लगभग 12 फीसदी है. यानी करीब 88 फीसदी गेहूं अभी भी मंडियों में जमा है, जिससे जगह की भारी कमी और प्रबंधन की समस्या पैदा हो गई है. अधिकारियों के अनुसार इस सीजन में राज्य में करीब 122 लाख टन गेहूं की आवक होने की उम्मीद है, जिसमें से अगले हफ्ते तक लगभग 90 फीसदी फसल मंडियों तक पहुंच सकती है. लेकिन अगर उठान की रफ्तार नहीं बढ़ी, तो नई फसल रखने के लिए जगह ही नहीं बचेगी.

20 लाख टन अनाज दूसरे राज्यों में जाएगा

परिवहन के लिए सरकार ने करीब 860 ट्रेनें लगाने की योजना बनाई है, जिनसे लगभग 20 लाख टन अनाज ही दूसरे राज्यों तक भेजा जा सकेगा, जो कुल अनुमानित खरीद के मुकाबले काफी कम है. साथ ही, राज्य के गोदाम पहले से ही पुराने गेहूं और चावल के स्टॉक से भरे हुए हैं, जिससे नई फसल के भंडारण  में और दिक्कत आ रही है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मंडियों से गेहूं का उठान और परिवहन तेज नहीं किया गया, तो किसानों को अपनी फसल बेचने में गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि जगह की भारी कमी हो जाएगी.

मंडियों में जाम जैसी स्थिति

एक वरिष्ठ खरीद एजेंसी अधिकारी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा कि मौजूदा स्थिति एक बड़ी समस्या को दिखाती है. नीति में ढील देने से गेहूं की खरीद तो बढ़ गई है, लेकिन उसी हिसाब से उठान और परिवहन की व्यवस्था नहीं बढ़ पाई. अगर यह अंतर दूर नहीं किया गया, तो कटाई के समय मंडियां जाम हो सकती हैं और पूरी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाएगा. पंजाब में आढ़ती संगठनों ने कहा है कि राज्य के गोदाम पहले से ही पिछले सालों के गेहूं और चावल के स्टॉक से भरे हुए हैं, जिससे नई फसल के लिए जगह की भारी कमी हो गई है. पंजाब आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोयल ने कहा है कि अनाज की धीमी उठान के कारण मंडियों में गंभीर जगह संकट पैदा हो रहा है.

जल्द से जल्द मंडियों से गेहूं का हो उठान

वहीं एक अन्य आढ़ती संगठन के अध्यक्ष रविंदर सिंह चीमा ने कहा कि जब तक खरीदा गया गेहूं सरकारी गोदामों तक नहीं पहुंच जाता, तब तक उसकी जिम्मेदारी आढ़तियों पर डाली जाती है, जो सही नहीं है. उन्होंने मांग की कि फसल को जल्द से जल्द मंडियों से उठाया जाए ताकि नई आवक के लिए जगह बन सके. इस बीच, किसानों के भुगतान की प्रक्रिया काफी हद तक सुचारु रही है.

Published: 21 Apr, 2026 | 01:38 PM

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