गेहूं किसानों को बड़ी राहत… टूटा और सिकुड़ा दाना खरीदेगी सरकार, मानक छूट सीमा बढ़ाकर 50 फीसदी की गई
Rajasthan Farmers News: राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रयास रंग लाए हैं और किसानों हित में बड़ा निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा किए गए प्रयासों से आज केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए किसानों से गेहूं खरीद के लिए मानकों में छूट देने का फैसला किया है. इस संबंध में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय ने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को चिट्ठी भेजी है.
Wheat Procurement Standards Relaxed: बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से तबाह हुए किसानों के लिए बड़ी राहत भरा फैसला लिया गया है. राजस्थान के किसानों को गेहूं खरीद मानकों के तहत चमकहीन दाने पर छूट सीमा बढ़ाकर 50 फीसदी कर दी गई है. इसके साथ ही टूटे और सिकुड़े दाने की खरीद पर छूट सीमा को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है, जो पहले 6 फीसदी थी. बता दें कि राजस्थान में बीते मार्च से लगातार रुक-रुककर बारिश और आंधी देखी जा रही है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है.
राजस्थान में गेहूं की सरकारी खरीद 9 अप्रैल से शुरू कर दी गई है. ऐसे में बारिश से भीगे और प्रभावित हुए गेहूं की खरीद को लेकर किसानों में असंतोष देखा गया है. कुछ दिन पहले कोटा पहुंचे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कोटा जिले में गेहूं की प्रभावित फसलों को देखने के लिए खेतों का दौरा किया. उन्होंने किसानों को राहत देते हुए प्रभावित गेहूं की खरीद करने और नुकसान के मुआवजे के निर्देश संबंधित विभागों को दिए थे. इसके बाद केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राजस्थान के गेहूं किसानों के लिए खरीद और गुणवत्ता मानकों में छूट की घोषणा की है.
केंद्र ने राजस्थान के सचिव को भेजी चिट्ठी में खरीद मानक में छूट देने के निर्देश दिए
केंद्रीय मंत्रालय के नोटिफिकेशन में राजस्थान सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग में सचिव को निर्देशित किया गया है कि बारिश के चलते उपजे संकट को देखते हुए किसानों से गेहूं खरीद के लिए तय मानकों में छूट दी जाए. कहा गया है कि पूरे राजस्थान में चमक में कमी वाले गेहूं की सीमा में 50 फीसदी तक की छूट दी जाए. इसके साथ ही सिकुड़े और टूटे अनाज की सीमा में मौजूदा सीमा के मुकाबले 15 फीसदी तक की छूट दी जाए.
wheat procurement standards relaxed
गेहूं की क्वालिटी गिरने पर राज्य जिम्मेदार होगा
राज्य सरकार को निर्देशित किए गया है कि गेहूं के भंडारण के दौरान छूट मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी राजस्थान राज्य सरकार की होगी. छूट के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक का निपटान (liquidation) सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा.
राजस्थान में ही इस्तेमाल होगा कम क्वालिटी वाला गेहूं
राज्य सरकार को यह भी निर्देशित किया गया है कि शिथिल नियमों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित किया जाए. इसका उपभोग राज्य के भीतर ही किया जाएगा. राजस्थान के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (भंडारण एवं अनुसंधान प्रभाग) के बयान में कहा गया है कि इस बार अधिक गर्मी पड़ने, बारिश होने और हवा के चलने से गेहूं सिकुड़ गया है और दाना कमजोर रहा. केंद्र के निर्देशों को राज्य भर में लागू कर दिया गया है और इसका लाभ किसानों को दिया जाएगा.
🌾 प्रयास लाए रंग… किसान हित में बड़ा निर्णय 🌾
प्रदेश के सभी जिलों में असमय हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण खराब हुई गेहूं की फसल हेतु किसान साथियों की व्यथा के मर्म को समझते हुए, माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी एवं मेरे द्वारा किए गए प्रयासों से आज केंद्र सरकार द्वारा… pic.twitter.com/WMCgkLkNEH
— Heeralal Nagar (@hlnagar) April 9, 2026
ऊर्जा मंत्री ने कहा प्रयास रंग लाए और किसानों के हित में हुआ निर्णय
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रयास रंग लाए हैं और किसानों हित में बड़ा निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में असमय हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण खराब हुई गेहूं की फसल हेतु किसान साथियों की व्यथा के मर्म को समझते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी एवं मेरे द्वारा किए गए प्रयासों से आज केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की उपज को बेचने स्पेसिफिकेशंस में छूट प्रदान करते हुए राज्य के समस्त जिलों में गेहूं खरीदने का फैसला किया गया है.