आंध्र प्रदेश में 45 फीसदी कम हुई बारिश, फसलों के सूखने का खतरा बढ़ा.. टेंशन में अन्नदाता

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में कम बारिश से खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं. जून से अगस्त के बीच सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश हुई. धान की बुवाई का रकबा घटकर 20,760 हेक्टेयर रह गया है. सिंचाई का पानी नहीं मिलने और भूजल स्तर गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ी है. कई किसानों को खेती की लागत निकलने की चिंता है.

नोएडा | Updated On: 9 Sep, 2026 | 08:18 PM

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में इस खरीफ सीजन हजारों किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. जून, जुलाई और अगस्त में सामान्य से करीब 45 फीसदी कम बारिश हुई. इन महीनों में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल सका. किसानों ने बुवाई के समय बीज, खाद और मजदूरी पर करीब 9,500 रुपये प्रति एकड़ खर्च किए थे. अब उन्हें यह लागत भी वापस मिलने की उम्मीद कम है. खास बात यह है कि किराए पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों की मुश्किल ज्यादा है. ऐसे किसानों को खेती की लागत के अलावा जमीन मालिकों को एडवांस भी देना पड़ा है. बारिश की कमी से फसल प्रभावित होने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है.

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, नेल्लिमर्ला मंडल के बुच्चन्नापेटा गांव के किसान सोमयाजुला सूर्यनारायण ने खरीफ सीजन के लिए 4 एकड़ जमीन लीज पर ली थी. उन्होंने खेती में करीब 35 हजार रुपये खर्च किए. अल नीनो के असर की जानकारी नहीं होने के कारण उन्होंने जून 2026 के पहले हफ्ते में खेती का काम शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को खरीफ सीजन  में कम बारिश की जानकारी पहले ही किसानों को देनी चाहिए थी. इससे किसान खेती में पैसा लगाने से पहले सावधानी बरत सकते थे. उन्होंने कहा कि जिले के दूसरे किसानों की स्थिति भी ऐसी ही है.

सिंचाई का पानी नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी परेशानी

विजयनगरम जिले के कई इलाकों में नदियों से पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने और भूजल स्तर गिरने से किसानों की मुश्किल बढ़ गई है. सिंचाई पर निर्भर किसानों को भी राहत नहीं मिल रही है. नागावली नदी पर बने थोटापल्ली जलाशय से पर्याप्त पानी नहीं छोड़े जाने के कारण कई जगह नहरें सूख गई हैं.

चीपुरुपल्ली मंडल में नहरें पूरी तरह सूखी

किसान कंचुपल्ली सत्यम ने कहा कि थोटापल्ली जलाशय से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण चीपुरुपल्ली मंडल की सभी नहरें सूख गई हैं. कम बारिश ने भी खेती को नुकसान पहुंचाया है. यह इलाका धान, मक्का और गन्ने समेत कई फसलों के उत्पादन में आगे रहता है. विजयनगरम जिले के भोगापुरम, पुसापतिरेगा, नेल्लिमर्ला और गुरला समेत कई मंडलों में कम बारिश के कारण खेत सूखे नजर आ रहे हैं. जिले के 27 में से 24 मंडलों में सामान्य से कम बारिश हुई है. आमतौर पर जिले में 1,00,251 हेक्टेयर में धान की बुवाई होती है, लेकिन इस बार यह घटकर सिर्फ 20,760 हेक्टेयर रह गई है. मक्का, गन्ना, दलहन और दूसरी फसलों का रकबा भी करीब 50 फीसदी घट गया है.

खरीफ सीजन में बारिश 37 फीसदी कम

विजयनगरम जिले में खरीफ सीजन के दौरान सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वी.टी. रामाराव के मुताबिक, इस सीजन में आमतौर पर करीब 455.9 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 286.2 मिमी बारिश हुई है. उन्होंने किसानों को कम पानी में जल्दी तैयार होने वाली व्यावसायिक फसलों की ओर जाने की सलाह दी है. कृषि विभाग ने वैकल्पिक फसलों और सरकार की फसल बीमा योजना को लेकर किसानों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाए हैं.

Published: 10 Sep, 2026 | 06:00 AM

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