कश्मीर का खास भदरवाह राजमा, स्वाद में बेमिसाल.. जानें GI टैग वाली इस फसल की खासियत

भदरवाह राजमा जम्मू-कश्मीर की खास फसल है, जिसे अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए GI टैग मिला है. पहाड़ी इलाकों में उगने वाला यह राजमा आकार में छोटा और स्वाद में भरपूर होता है. इसमें आयरन, फाइबर, फोलेट और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और ब्रांड के अनुसार 250 से 500 रुपये किलो तक रहती है.

नोएडा | Updated On: 24 Aug, 2026 | 04:04 PM

Bhadarwah Rajma: जम्मू-कश्मीर का नाम आते ही कश्मीरी सेब और केसर का ख्याल आता है, लेकिन यहां किसान कई दूसरी फसलें भी उगाते हैं. इन्हीं में से एक है भदरवाह राजमा, जो दिल्ली, पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में काफी पसंद किया जाता है. ऐसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भी राजमा की खेती होती है, लेकिन भदरवाह राजमा की अपनी अलग पहचान है. यही वजह है कि इसे भौगोलिक संकेत (जीआई टैग) भी मिला हुआ है. तो आइए आज जानते हैं भदरवाह राजमा की खासियत के बारे में.

भदरवाह राजमा जम्मू-कश्मीर की भदरवाह घाटी में ऊंचाई वाले इलाकों में उगाया जाने वाला खास राजमा है. करीब 5,480 फीट की ऊंचाई पर यहां का ठंडा मौसम और प्राकृतिक वातावरण राजमा को अलग स्वाद और गुणवत्ता देता है. आम राजमा की तुलना में भदरवाह राजमा आकार में थोड़ा छोटा होता है, लेकिन इसका स्वाद भरपूर और बनावट क्रीमी होती है. उत्तर भारत में इसे खास तौर पर राजमा-चावल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जम्मू के बासमती चावल के साथ इसका स्वाद और भी खास हो जाता है. भदरवाह राजमा पोषक तत्वों से भी भरपूर माना जाता है. इसमें आयरन, कॉपर, फोलेट, पोटैशियम, मैंगनीज और विटामिन K1 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. आयरन शरीर में खून बनाने में मदद करता है, जबकि फोलेट शरीर में डीएनए के निर्माण और मरम्मत में अहम भूमिका निभाता है. भदरवाह राजमा को रेड बीन्स के नाम से भी जाना जाता है.

भदरवाह राजमा की खेती के लिए कैसी हो मिट्टी

अगर खेती की बात करें तो भदरवाह राजमा की अच्छी फसल के लिए हल्की दोमट से लेकर भारी चिकनी मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है. मिट्टी में पर्याप्त नमी हो और उसका pH सामान्य के करीब रहे. ज्यादा अम्लीय मिट्टी में बुवाई से पहले चूना डालने की सलाह दी जाती है. राजमा की बुवाई का समय क्षेत्र और मौसम के हिसाब से अलग-अलग होता है. आमतौर पर 100-125 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की जरूरत पड़ती है. फसल को अकेले भी उगाया जा सकता है और दूसरी फसलों के साथ मिलाकर भी. पहाड़ी क्षेत्रों में इसे मक्का और मैदानी इलाकों में शुरुआती आलू के साथ उगाया जाता है.

अच्छी फसल के लिए सिंचाई और पोषक तत्वों का रखें ध्यान

भदरवाह राजमा की फसल में नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. सिंचाई भी फसल के लिए जरूरी है. क्षेत्र के अनुसार 2 से 4 सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है. खास तौर पर बुवाई के करीब 25 और 75 दिन बाद पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 30-35 दिन बाद एक बार निराई-गुड़ाई की जा सकती है. जरूरत के अनुसार खरपतवार रोकने वाली दवा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

आयरन, फाइबर और विटामिन B1 से भरपूर

भदरवाह राजमा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर माना जाता है. इसमें कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. कैल्शियम हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है, जबकि आयरन शरीर में ऑक्सीजन  पहुंचाने और ऊर्जा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. राजमा में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है. इसमें मोलिब्डेनम भी पाया जाता है, जो शरीर में कुछ यौगिकों के मेटाबॉलिज्म में मदद करता है. इसके अलावा, राजमा में विटामिन B1 और मैंगनीज भी मौजूद होते हैं. विटामिन B1 दिमाग के सामान्य कामकाज और याददाश्त के लिए जरूरी है, जबकि मैंगनीज शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करने वाले एंटीऑक्सीडेंट सिस्टम का हिस्सा है.

ऑर्गेनिक और प्रीमियम क्वालिटी का राजमा महंगा होता है

सरकार जम्मू-कश्मीर में विशेष कृषि फसलों (Niche Crops) को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत केसर, कालाजीरा और भदरवाह राजमा जैसी फसलों की करीब 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जा रही है. हालांकि, भदरवाह राजमा की खेती का अलग से सटीक रकबा और सालाना उत्पादन का आंकड़ा हर साल मौसम और स्थानीय कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बदलता रहता है. भदरवाह राजमा की कीमत  उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांड के हिसाब से अलग-अलग होती है. स्थानीय बाजार में खुला भदरवाह राजमा करीब 250 से 325 रुपये प्रति किलो मिल सकता है. वहीं, ऑनलाइन या ब्रांडेड पैकेट में इसकी कीमत करीब 350 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. ऑर्गेनिक और प्रीमियम क्वालिटी का राजमा और महंगा हो सकता है.

Published: 24 Aug, 2026 | 04:02 PM

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