पंजाब में ‘रेल रोको’ आंदोलन 3 दिन के लिए टला, मंडियों में खरीद शुरू होते ही बदली रणनीति

Punjab farmers protest: किसानों ने पहले 17 अप्रैल को राज्यभर में ‘रेल रोको’ आंदोलन का ऐलान किया था. यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होना था, जिसमें किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध जताने वाले थे. लेकिन अब अचानक इस आंदोलन को टाल दिया गया है.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 17 Apr, 2026 | 01:40 PM

Punjab farmers protest: पंजाब में आज होने वाला किसानों का बड़ा ‘रेल रोको’ आंदोलन फिलहाल टाल दिया गया है. इससे आम लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इस प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनों के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही थी. किसान संगठनों ने अब इस आंदोलन को तीन दिन के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है.

क्यों टाला गया आंदोलन

किसानों ने पहले 17 अप्रैल को राज्यभर में ‘रेल रोको’ आंदोलन का ऐलान किया था. यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होना था, जिसमें किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध जताने वाले थे. लेकिन अब अचानक इस आंदोलन को टाल दिया गया है. इसके पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान फिलहाल अपनी फसल बेचने में व्यस्त हैं.

सरवण सिंह पंधेर ने दी जानकारी

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि सभी किसान संगठनों ने आपसी बैठक के बाद यह निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि किसानों की प्राथमिकता अभी मंडियों में जाकर अपनी फसल की बिक्री करना है. ऐसे में बड़े स्तर पर आंदोलन करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए इसे तीन दिन के लिए टाल दिया गया है. साथ ही पंधेर ने कहा कि अब किसान शांतिपूर्वक पंजाब के मुख्यमंत्री से सवाल करने नहीं जाएंगे.

सरकार को दिया गया समय

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसान नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि केवल स्थगित किया गया है. उन्होंने सरकार को तीन दिन का समय दिया है ताकि किसानों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जा सकें. अगर इस दौरान समाधान नहीं निकला, तो किसान फिर से आंदोलन शुरू कर सकते हैं.

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें

किसानों की सबसे बड़ी मांग गेहूं खरीद से जुड़ी हुई है. उनका कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, इसलिए सरकार को खरीद के नियमों में ढील देनी चाहिए. इसके अलावा किसान चाहते हैं कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो.

स्थानीय स्तर पर जारी रह सकता है विरोध

सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, जहां-जहां खरीद प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है, वहां स्थानीय किसान संगठन अपने स्तर पर इकट्ठा होकर फैसला ले सकते हैं. यानी भले ही राज्य स्तर का आंदोलन टल गया हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध जारी रह सकता है.

पहले था बड़ा आंदोलन का ऐलान

गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) की अगुवाई में इस ‘रेल रोको’ आंदोलन का ऐलान किया गया था. इस दौरान पूरे पंजाब में कई जगहों पर किसानों के जुटने और रेल सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना थी. लेकिन अब इस फैसले के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य बनी रहेगी. साथ ही आगे की रणनीति का ऐलान एसकेएम एनपी और केएमएम के साथ अन्य किसान यूनियन के साथ मीटिंग के बाद लेंगे.

लोगों को मिली राहत

इस आंदोलन के टलने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है. अगर प्रदर्शन होता, तो ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ता और यात्रियों को काफी परेशानी होती. फिलहाल अगले तीन दिन तक स्थिति शांत रहने की उम्मीद है.

अब सबकी नजर अगले तीन दिनों पर टिकी है. अगर सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान देती है, तो आंदोलन पूरी तरह खत्म हो सकता है. लेकिन अगर समाधान नहीं निकला, तो तीन दिन बाद पंजाब में फिर से बड़ा किसान आंदोलन देखने को मिल सकता है.

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Published: 17 Apr, 2026 | 01:31 PM
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