हरियाणा में फसल कैलेंडर से बदलेगी खेती की तस्वीर, किसानों की इनकम में होगा इजाफा

हरियाणा सरकार खेती को सस्ता और किसानों के लिए ज्यादा मुनाफे वाला बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए क्षेत्रवार फसल कैलेंडर, कम पानी और खाद वाली फसलों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का पायलट प्रोजेक्ट और प्रमाणित बीजों पर जोर दिया जा रहा है. कपास और दालों की खेती में मशीनों के इस्तेमाल से लागत घटाने की योजना है.

नोएडा | Published: 3 Sep, 2026 | 12:35 PM

हरियाणा सरकार खेती की लागत कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए कई नई नीतियां लाने की तैयारी कर रही है. सरकार का लक्ष्य राज्य में खेती को ज्यादा किफायती और किसानों के लिए फायदेमंद बनाना है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को चंडीगढ़ में ‘मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज’ की समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग इलाकों की जलवायु को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रवार विशेष फसल कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए.

इस फसल कैलेंडर में किसानों को फसल की बुवाई और खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी. इससे किसान सही समय पर सही फसल की योजना बना सकेंगे, खेती की लागत घटा सकेंगे और बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे. वहीं, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को ऐसी फसलों की खेती  को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिनमें कम पानी और खाद की जरूरत होती है. उन्होंने धान और दालों समेत ऐसी बेहतर किस्मों की पहचान करने पर जोर दिया, जिनकी विदेशों में मांग और निर्यात की संभावना है. राणा ने कहा कि ऐसी फसलों और किस्मों से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकता है. इससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही, कृषि निर्यात बढ़ने से देश की GDP को भी फायदा होगा.

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीवामृत का पायलट प्रोजेक्ट

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खादों पर किसानों की निर्भरता कम करने के लिए सरकार जीवामृत के इस्तेमाल की योजना पर भी विचार कर रही है. इसके तहत गौशालाओं में गोबर और गोमूत्र से जीवामृत  तैयार कर किसानों को मुफ्त में बांटने की संभावना तलाशी जाएगी. राणा ने अधिकारियों को इस योजना की व्यवहारिकता जांचने और इसे लागू करने के लिए एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने में मदद मिलेगी और खेती की लागत भी कम हो सकती है.

अच्छी पैदावार के लिए प्रमाणित बीजों पर जोर

आगामी सीजन में किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने पर भी सरकार का जोर है. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि अच्छी फसल और बेहतर पैदावार के लिए बीज की गुणवत्ता बेहद जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज खरीदने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए.

मशीनों के इस्तेमाल से घटेगी खेती की लागत

राणा ने कपास और दालों की कटाई और गहाई में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया. इससे खेती में मजदूरों की जरूरत और श्रम लागत कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने अधिकारियों को बुवाई से लेकर कटाई तक फसल प्रबंधन  की वैज्ञानिक तकनीक अपनाने के निर्देश दिए. सरकार का मानना है कि इन उपायों से खेती की लागत घटेगी और किसानों के लिए कृषि ज्यादा लाभदायक बनेगी.

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