गेहूं उठान में देरी, एक महीने बीत जाने के बाद भी मंडी में पड़ा है 386920 बोरी अनाज.. नोटिर जारी

पंजाब के फाजिल्का जिले में गेहूं उठान में देरी को लेकर चार खरीद एजेंसियों को डिमरेज और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. मंडियों में लाखों गेहूं की बोरियां अब भी पड़ी हैं. ट्रकों की कमी के कारण समय पर उठान नहीं हो पाया, जबकि नियमों के अनुसार 72 घंटे के भीतर गेहूं उठाना जरूरी होता है.

नोएडा | Updated On: 16 May, 2026 | 01:54 PM

Punjab News: पंजाब के फाजिल्का जिले के अलग-अलग इलाकों में गेहूं उठान में देरी को लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने चार खरीद एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस और डिमरेज नोटिस जारी किए हैं. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अबोहर मार्केट कमेटी ने मार्कफेड, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, पनसप और पनग्रेन को करीब 23 लाख रुपये के डिमरेज नोटिस भेजे हैं. इन एजेंसियों ने विभिन्न अनाज मंडियों से गेहूं की खरीद की थी, लेकिन समय पर उठान नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई है. कहा जा रहा है कि एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद फाजिल्का मंडी में अभी भी 3,86,920 बोरी गेहूं का उठान नहीं हो पाया है.

इसी तरह फाजिल्का मार्केट कमेटी ने भी तय समय के भीतर खरीदे गए गेहूं का उठान  नहीं करने पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) के माध्यम से चारों खरीद एजेंसियों को तीन-तीन नोटिस जारी किए हैं. मार्केट कमेटी सचिव मंदीप कामरा ने द ट्रिब्यून को बताया कि फाजिल्का में खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को डिमरेज नोटिस भेजने की तैयारी भी की जा रही है.

 72 घंटे के भीतर गेहूं उठान जरूरी

मार्केट कमेटी सूत्रों के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी सिर्फ फाजिल्का अनाज मंडी  में 3,86,920 गेहूं के कट्टों का उठान नहीं हो पाया है. नियमों के अनुसार खरीद के 72 घंटे के भीतर गेहूं का उठान होना चाहिए. फिलहाल गेहूं खुले में पड़ा है, जिससे वह तेज गर्मी और बीच-बीच में हो रही बारिश की मार झेल रहा है. पूरे जिले की बात करें तो खरीदे गए करीब 20 फीसदी गेहूं का अभी तक उठान नहीं हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, कुल 7,51,113 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद में से करीब 1,48,328 मीट्रिक टन गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है.

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी इस्तेमाल किया गया

मार्केट कमेटी सचिव मंदीप कामरा ने दावा किया कि अगले तीन से चार दिनों में बचा हुआ गेहूं उठा लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, ट्रकों की कमी गेहूं उठान में देरी की सबसे बड़ी वजह है. ट्रकों की कमी के चलते नियमों के खिलाफ जाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन इससे भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया.

तेज गर्मी से गेहूं की नमी कम हो गई

वहीं, बीते दिनों खबर सामने आई थी कि फाजिल्का जिले में गेहूं खरीद के बाद उसका समय पर उठान नहीं हो पा रहा है. बड़ी मात्रा में गेहूं की बोरियां अब भी मंडियों में खुली पड़ी हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. तेज गर्मी और करीब 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण गेहूं की नमी कम हो रही है, जिससे बोरियों का वजन घटने लगा है और नुकसान का खतरा बढ़ गया है. खरीद सीजन शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सिर्फ 56 फीसदी गेहूं का ही उठान हो पाया है. मार्केट कमेटी के मुताबिक, फाजिल्का की मंडियों में अब तक 74,926 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि शनिवार तक केवल 42,054 मीट्रिक टन गेहूं ही उठाया जा सका. बाकी गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है.

Published: 16 May, 2026 | 01:53 PM

Topics: