बरसात में भी जल संकट, सिंचाई का पानी नहीं..16 हजार हेक्टेयर मूंगफली फसल पर गहराया संकट
तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के करीमंगलम में पानी की कमी से मूंगफली की फसल संकट में है. कम बारिश और सूखी झीलों के कारण फसल की बढ़वार रुक गई है. किसानों ने KRP बांध की दाहिनी नहर से पानी छोड़ने की मांग की है, जबकि प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा कर जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है.
Irrigation Shortage: तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के करीमंगलम क्षेत्र में पानी की कमी से मूंगफली की खेती संकट में है. किसानों का कहना है कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल सूख रही है और उसकी बढ़वार भी रुक गई है. धर्मपुरी जिले में करीब 16,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती होती है. इनमें से करीमंगलम में लगभग 3,800 हेक्टेयर में इसकी खेती की जाती है. किसानों का कहना है कि पानी की कमी के कारण यहां की अधिकांश फसल प्रभावित हो गई है.
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि KRP बांध की दाहिनी (राइट) नहर से पानी छोड़कर करीमंगलम की छह झीलों तक पहुंचाया जाए, ताकि फसल को बचाया जा सके. करीमंगलम के किसान ए. मुरुगेशन ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान धर्मपुरी जिले में सामान्य तौर पर करीब 403 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 20 फीसदी से भी कम बारिश हुई है.
करीमंगलम की सात झीलें सूख गईं
उन्होंने कहा कि कम बारिश की वजह से करीमंगलम की सात झीलें सूख गई हैं और बोरवेल से भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है. केवल 800 फीट से अधिक गहरे बोरवेल से ही थोड़ा-बहुत पानी मिल रहा है. मुरुगेशन ने बताया कि किसानों ने मई में मूंगफली की बुवाई की थी और जुलाई के आखिर तक फसल तैयार होने की उम्मीद थी. लेकिन बारिश नहीं होने से फसल की बढ़वार रुक गई है और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है.
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KRP बांध से पानी छोड़ा जा रहा है
करीमंगलम के किसान के. एम. बालमुरुगन ने कहा कि इस समय KRP बांध से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि इलाके की सात से ज्यादा झीलें पूरी तरह सूख चुकी हैं. किसानों ने लोक निर्माण विभाग (PWD-WRD) से मांग की है कि KRP बांध की दाहिनी नहर से तुरंत पानी छोड़कर डिंडल और बंदारहल्ली झीलों तक पहुंचाया जाए, ताकि फसलों को बचाया जा सके. वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD-WRD) के अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति की समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, KRP बांध से पानी छोड़ा जा रहा है और किसानों को उनका उचित हिस्सा उपलब्ध कराया जाएगा.
सांबा धान की खेती पर संकट
वहीं, पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में इस साल सांबा धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है. मेट्टूर बांध में पानी की कमी के कारण अब तक सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया है. इससे नहरों के पानी पर निर्भर लाखों किसान चिंतित हैं. किसानों का कहना था कि अगर जल्द पानी नहीं मिला, तो करीब 6 लाख एकड़ में सांबा धान की बुआई प्रभावित हो सकती है और 12 लाख टन तक धान उत्पादन का नुकसान हो सकता है.