11 मई से सड़क पर उतरेंगे किसान, ‘पर्ची मुक्त’ आंदोलन का ऐलान.. संगठन ने भरी हुंकार
संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब और हरियाणा में किसानों की मांगों को लेकर टोल प्लाजाओं पर ‘पर्ची मुक्त’ आंदोलन का ऐलान किया है. साथ ही ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर मुआवजे की मांग की है. 24 अप्रैल को सभी डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
Punjab Agriculture News: गेहूं खरीदी के बीच संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत ने आंदोलन करने का ऐलान किया है. उसने कहा है कि पंजाब और हरियाणा में किसानों के मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से टोल प्लाजाओं को ‘पर्ची मुक्त’ किया जाएगा. इसके तहत 11 मई को फिरोजशाह टोल प्लाजा (फिरोजपुर-लुधियाना रोड), 18 मई को सोलखियां टोल प्लाजा (चंडीगढ़-अमृतसर रोड, रोपड़) और 29 मई को खुइयां टोल प्लाजा (डबवाली-दिल्ली रोड, सिरसा) पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ‘पर्ची मुक्त’ आंदोलन किया जाएगा. मोर्चा का कहना है कि आगे भी इस संघर्ष को जारी रखते हुए नई तारीखें घोषित की जाएंगी.
साथ ही बीच संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत ने पंजाब सरकार से फसल मुआवजे की मांग की है. उसने कहा है कि पंजाब में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से रबी और बागवानी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. 1.30 लाख एकड़ में लगी फसल चौपट हो गई है. इसलिए राज्य सरकार को प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए. मोर्चा ने कहा कि अब मौसम में सुधार होने पर गेहूं के खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं. इसलिए फसलों के मुआवजे तथा मंडियों में गेहूं की खरीद को सुचारू बनाने की मांग को लेकर 24 अप्रैल को पंजाब के सभी उपायुक्तों (डीसी) को मांग पत्र सौंपे जाएंगे.
एमएसपी खरीद गारंटी कानून पर भी मंथन
दरअसल, गेहूं खरीदी के बीच संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत की ओर से हाल ही में चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत एमएसपी खरीद गारंटी कानून, किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट समेत कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई. इस बैठक में कृषि अर्थशास्त्री डॉ टीएन प्रकाश कामारडी (कर्नाटक) ने विशेष रूप से अपने विचार प्रस्तुत किए.
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बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में भारत द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कर-मुक्त व्यापार समझौते, बिजली संशोधन बिल 2025, सीड बिल और किसान आंदोलन (भाग-1 और भाग-2) की लंबित मांगों पर भी चर्चा की गई. किसानों ने एमएसपी पर C2+50 फीसदी के आधार पर फसल मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लंबे संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया. इस अवसर पर इंदरजीत सिंह कोटबुद्धा, सुखजीत सिंह हरदोजंडे, गुरिंदर सिंह भंगू, लखविंदर सिंह औलख, गुरसेवक सिंह धालीवाल, मलकीत सिंह सेखों, जगजीत सिंह मंड, नरेंद्र पाल सिंह भंगू, रणजीत सिंह, गुरपिंदर काहलो, हीरा सिंह भिखीविंड, कुलवीर सिंह मोहाली, रणजीत सिंह भागो माजरा सहित अन्य किसान नेताओं ने पंजाब और हरियाणा में किसानों की खराब हो रही फसलों और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की.
7 मई को गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब से मार्च
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चल रहे ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ के तहत 7 मई को गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब, दिल्ली से संसद भवन तक काले कपड़े पहनकर और प्रतीकात्मक रूप से जंजीरों में बंधकर पैदल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भी शामिल होगा. किसान नेताओं ने कहा कि पूंजीपतियों द्वारा किसानों और मजदूरों पर किए जा रहे आर्थिक हमलों के खिलाफ देशव्यापी एकता को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे.